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संस्कृत में आकलन एवं उपचारात्मक शिक्षण MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए संस्कृत में आकलन एवं उपचारात्मक शिक्षण के 8 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1कक्षा 4 की एक शिक्षिका हर बच्चे से संस्कृत वाक्य 'अहं विद्यार्थी अस्मि' सस्वर पढ़वाकर उच्चारण-त्रुटियों को एक तालिका में दर्ज करती है। प्राथमिक संस्कृत आकलन में यह अभ्यास किस प्रकार के मूल्यांकन के रूप में सर्वाधिक उपयुक्त वर्गीकृत होगा?

A सस्वर पठन और उच्चारण का मौखिक रचनात्मक आकलन
B व्याकरण नियमों की लिखित योगात्मक परीक्षा
C मानकीकृत मानक-संदर्भित उपलब्धि परीक्षण
D मौन पठन-गति का निदानात्मक परीक्षण
व्याख्या

हर विद्यार्थी से संस्कृत वाक्य सस्वर पढ़वाकर तालिका में उच्चारण-त्रुटि दर्ज करना मौखिक रचनात्मक आकलन है। यह शिक्षण के दौरान होता है, उच्चारण और सस्वर पठन के बारे में तत्काल साक्ष्य देता है तथा अगले उपचारात्मक कदम की योजना बनाने में मदद करता है। यह न तो लिखित योगात्मक परीक्षा है, न मानक-संदर्भित परीक्षण और न मौन पठन-गति की जाँच। इसलिए विकल्प A सही है।

प्र.2प्राथमिक संस्कृत के उपचारात्मक चक्र के चार चरणों को सही क्रम में रखिए। क्रम उस चरण से शुरू कीजिए जो सबसे पहले आता है। 1. पहचानी गई कठिनाई पर केंद्रित छोटे समूह की गतिविधि की योजना बनाना 2. मौखिक या लिखित जाँच-सूची से विशिष्ट त्रुटि-रूप की पहचान करना 3. समानांतर प्रश्नों से फिर जाँच करना और शिक्षार्थी की प्रोफ़ाइल में नई जानकारी जोड़ना 4. गतिविधि लागू करना और कक्षा में प्रत्येक बच्चे की प्रतिक्रिया देखना

A 1, 2, 4, 3
B 2, 4, 1, 3
C 4, 2, 1, 3
D 2, 1, 4, 3
व्याख्या

प्राथमिक संस्कृत उपचार-चक्र निदान से प्रारंभ होता है (चरण 2: विशिष्ट त्रुटि-रूप की पहचान)। फिर शिक्षक लक्षित छोटे समूह की गतिविधि की योजना बनाता है (चरण 1)। गतिविधि कक्षा में क्रियान्वित होती है और बच्चों की प्रतिक्रिया देखी जाती है (चरण 4)। अंत में समानांतर पुनः परीक्षण से बच्चे की रूपरेखा अपडेट कर चक्र पूरा होता है (चरण 3)। यह क्रम 2-1-4-3 निदान-योजना-क्रियान्वयन-मूल्यांकन वाला वही चक्र है जिसे CCE-आधारित प्राथमिक उपचार में प्रयोग किया जाता है।

प्र.3कक्षा 4 की एक संस्कृत शिक्षिका एक सत्र के उपचारात्मक कार्य-चक्र की पंजी में ये छह मदें लिखती है: (1) मौखिक श्लोक वाचन जाँच-सूची (2) मात्रा की त्रुटियाँ गिनने की पर्ची (3) कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए मुद्रित बहुविकल्पीय व्याकरण प्रश्नपत्र (4) “श”-“ष” भेद पर छोटे समूह का फ्लैशकार्ड अभ्यास (5) मूल शब्द-रूप पहचान पर समानांतर पुनः परीक्षण (6) संस्कृत-भाषा डॉक्टरेट संगोष्ठी का सार इनमें से कितनी मदें कक्षा 3-5 की प्राथमिक स्तर की संस्कृत के आकलन और उपचारात्मक कार्य के दायरे में सचमुच आती हैं?

A दो
B तीन
C चार
D पाँच
व्याख्या

प्राथमिक दायरे में चार मदें आती हैं: मौखिक श्लोक वाचन तालिका (1), मात्रा-त्रुटि गिनने की पर्ची (2), 'श'-'ष' भेद पर छोटे समूह का फ्लैशकार्ड अभ्यास (4) और मूल शब्द-रूप पहचान पर समानांतर पुनः परीक्षण (5)। मद (3) कक्षा 12 का प्रश्नपत्र है और प्राथमिक दायरे से बाहर है; मद (6) डॉक्टरेट संगोष्ठी का सार है, जो कक्षा 3-5 की लक्षित श्रेणी और सामग्री से बहुत आगे है। इसलिए संख्या चार है।

प्र.4कक्षा 3 से 5 के प्राथमिक संस्कृत स्तर पर सतत एवं व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत एक ही विद्यालय-सत्र में आकलन कितनी बार करना सबसे उपयुक्त होगा?

A सत्र भर बार-बार बिना अधिक दबाव वाली मौखिक और लिखित जाँचें, साथ में सत्रांत में एक योगात्मक समीक्षा
B केवल सत्र के अंत में एक बहुत दबाव वाला लिखित प्रश्नपत्र, सत्र के बीच में कोई अवलोकन नहीं
C हर प्राथमिक कक्षा के लिए किसी बाहरी एजेंसी द्वारा मुद्रित दैनिक मानकीकृत परीक्षण
D केवल एक मध्य-सत्र मौखिक साक्षात्कार, न लिखित कार्य न सत्रांत समीक्षा
व्याख्या

CCE चाहता है कि आकलन सतत भी हो और व्यापक भी। प्राथमिक संस्कृत में इसका मतलब है — पूरे सत्र के दौरान बार-बार छोटे-छोटे, कम दबाव वाले मौखिक और लिखित टेस्ट लेना, और सत्र के अंत में एक समग्र समीक्षा करना। इस तरीके से कक्षा 3-5 के बच्चों पर दबाव कम रहता है, शिक्षक को बीच सत्र में ही कमज़ोरियाँ सुधारने का मौका मिल जाता है, और RTE 2009 की भावना का भी सम्मान होता है, क्योंकि किसी एक निर्णायक प्रश्नपत्र पर सारा दारोमदार नहीं रहता।

प्र.5प्राथमिक संस्कृत में CCE पर दिए गए दो कथनों को पढ़कर सही विकल्प चुनिए। कथन I: RTE 2009 के अंतर्गत CCE में अकादमिक और सह-अकादमिक दोनों आयामों का सतत आकलन आवश्यक है। कथन II: CCE के अंतर्गत प्राथमिक संस्कृत का मूल्यांकन केवल एक योगात्मक वार्षिक प्रश्नपत्र से होना चाहिए।

A कथन I और कथन II दोनों सही हैं
B कथन 1 सही है, जबकि कथन 2 गलत है।
C कथन I गलत है और कथन II सही है
D कथन I और कथन II दोनों गलत हैं
व्याख्या

CCE का अर्थ है सतत एवं व्यापक मूल्यांकन। 'सतत' का मतलब है कि मूल्यांकन केवल एक वार्षिक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता; 'व्यापक' का मतलब है कि इसमें अकादमिक और सह-अकादमिक, दोनों तरह के अधिगम शामिल होते हैं। कथन I इस दोहरे दायरे को सही दर्शाता है। कथन II प्राथमिक संस्कृत मूल्यांकन को एक योगात्मक वार्षिक परीक्षा तक सीमित कर देता है, इसलिए यह सतत मूल्यांकन के सिद्धांत के विरुद्ध है; RTE 2009 के अंतर्गत CCE इसी व्यवस्था को बदलने के लिए लाया गया था।

आपने 8 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6सूची 1 में दी गई प्राथमिक स्तर की संस्कृत की प्रत्येक सामान्य कठिनाई का सूची 2 के सबसे सटीक उदाहरण से मिलान कीजिए। सूची 1 — कठिनाई क. वर्ण-उच्चारण त्रुटि ख. मात्रा-त्रुटि ग. सन्धि-पहचान त्रुटि घ. शब्द-रूप भ्रम सूची 2 — उदाहरण 1. 'राम' को 'रम' लिखना 2. 'ष' के स्थान पर 'श' बोलना 3. 'नमस्ते' पढ़ते समय 'नमः + ते' की पहचान न करना 4. 'बालक' का प्रथमा बहुवचन 'बालकाः' लिखना, पर उसे द्वितीया विभक्ति में प्रयोग करना

AP-1, Q-2, R-3, S-4
BP-3, Q-1, R-2, S-4
CP-2, Q-3, R-1, S-4
DP-2, Q-1, R-3, S-4

7कक्षा 3 का बच्चा 'श' और 'ष' में लगातार उलझ रहा है। निम्नलिखित में से एक को छोड़कर शेष सभी इस स्थिति में स्वीकार्य उपचारात्मक तकनीकें हैं। प्राथमिक स्तर पर कौन-सी तकनीक उपयुक्त नहीं है?

Aबच्चे को संस्कृत में असफल घोषित कर अलग गैर-संस्कृत कक्षा में भेज देना
Bछोटे दर्पण के सामने जोड़े में अभ्यास कराते हुए हर ध्वनि में जीभ की स्थिति दिखाना
C'शाला' और 'षण्ड' जैसे न्यूनतम युग्मों वाले शब्दों के कार्ड से दोहराव कराकर भेद स्पष्ट करना
Dएक छोटी कविता, जिसमें दोनों अक्षर बारी-बारी आते हैं, उसे गाते हुए बच्चे से अक्षरों की संख्या पर ताली बजवाना

8कक्षा 5 के संस्कृत शिक्षक की उपचारात्मक योजना के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. योजना हर बच्चे की वर्ण-उच्चारण की विशिष्ट त्रुटि-रूप पहचान से प्रारंभ होती है। 2. योजना बच्चों को निदान की गई कठिनाई के आधार पर छोटे लचीले समूहों में बाँटती है। 3. योजना एक सप्ताह बाद उसी प्रश्न-भंडार से पुनः परीक्षण कर प्रगति आँकती है। 4. योजना 'रुचिरा' पाठ की सभी गतिविधियों को अंग्रेज़ी कार्यपत्रकों से बदल देती है। प्राथमिक संस्कृत उपचार-चक्र के लिए उपयुक्त संयोजन कौन-सा है?

Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 1, 3 और 4
Cकेवल 2, 3 और 4
D1, 2, 3 और 4 सभी

भाषा I — संस्कृत में और विषय

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