फरवरी 2026 में गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि 2025 में भारत में साइबर अपराध के मामलों में 24% की वृद्धि हुई, जिसमें भारतीयों ने ₹22,495 करोड़ गंवाए — मुख्यतः निवेश घोटालों में, जो कुल नुकसान के 75% से अधिक हैं। 2025 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी की 24,02,579 शिकायतें दर्ज हुईं, जो 2024 में 19,18,835 थीं। हालांकि FIR की संख्या 66,370 से घटकर 55,484 रही क्योंकि बैंकों और पुलिस ने तेजी से रकम फ्रीज की।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) तत्काल ट्रैकिंग के लिए अहम साधन बना है। भारत में अब 459 समर्पित साइबर अपराध पुलिस स्टेशन हैं — 2020 में 169 थे — उत्तर प्रदेश 75 स्टेशनों के साथ अग्रणी है। राजस्थान के लिए यह रिपोर्ट सीधी नीतिगत प्रासंगिकता रखती है: राज्य की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और कम डिजिटल साक्षरता वाली बड़ी ग्रामीण आबादी निवेश धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' घोटालों के लिए संवेदनशील है।