प्रकाशित: 20 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतशासन
MHA रिपोर्ट: 2025 में भारत में साइबर अपराध के मामले 24% बढ़े; भारतीयों ने ₹22,495 करोड़ गंवाए, मुख्यतः निवेश घोटालों में
Aसीधा उत्तर
गृह मंत्रालय और PIB के फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी की 24,02,579 शिकायतें दर्ज हुईं और ₹22,495 करोड़ का नुकसान दर्ज हुआ, जिसमें शेयर ट्रेडिंग और निवेश घोटाले प्रमुख रहे। गृह मंत्रालय की नवीनतम तालिका में 459 समर्पित साइबर अपराध पुलिस स्टेशन दर्ज हैं, जो 2020 में 169 थे।
फरवरी 2026 में गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि 2025 में भारत में साइबर अपराध के मामलों में 24% की वृद्धि हुई, जिसमें भारतीयों ने ₹22,495 करोड़ गंवाए — मुख्यतः निवेश घोटालों में, जो कुल नुकसान के 75% से अधिक हैं। 2025 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी की 24,02,579 शिकायतें दर्ज हुईं, जो 2024 में 19,18,835 थीं। हालांकि FIR की संख्या 66,370 से घटकर 55,484 रही क्योंकि बैंकों और पुलिस ने तेजी से रकम फ्रीज की।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) तत्काल ट्रैकिंग के लिए अहम साधन बना है। भारत में अब 459 समर्पित साइबर अपराध पुलिस स्टेशन हैं — 2020 में 169 थे — उत्तर प्रदेश 75 स्टेशनों के साथ अग्रणी है। राजस्थान के लिए यह रिपोर्ट सीधी नीतिगत प्रासंगिकता रखती है: राज्य की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और कम डिजिटल साक्षरता वाली बड़ी ग्रामीण आबादी निवेश धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' घोटालों के लिए संवेदनशील है।
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जुड़ा प्रश्नआसान
MHA के अनुसार 2025 में भारत में साइबर अपराध के मामलों में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई?
व्याख्या · सही उत्तर AMHA रिपोर्ट में कहा गया कि 2025 में साइबर अपराध 24% बढ़ा और 22,495 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में भारत में साइबर अपराध के मामले कितने बढ़े और कुल वित्तीय नुकसान कितना रहा?
फरवरी 2026 में जारी गृह मंत्रालय और PIB के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी की 24,02,579 शिकायतें दर्ज हुईं और ₹22,495 करोड़ का नुकसान दर्ज हुआ। यह भारत में साइबर अपराध से हुए सबसे बड़े वार्षिक नुकसानों में से एक है।
2025 में भारत में साइबर अपराध के नुकसान का 75% से अधिक किस प्रकार के घोटाले से हुआ?
निवेश घोटालों — जैसे शेयर बाजार में नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और फर्जी नौकरी के प्रस्ताव — से ₹22,495 करोड़ के कुल नुकसान का 75% से अधिक हुआ। पीड़ितों को अधिक रिटर्न का लालच देकर फ़िशिंग साइटों और नकली ऐप्स से ठगा गया।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) क्या है और पीड़ित साइबर अपराध कैसे रिपोर्ट कर सकते हैं?
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) cybercrime.gov.in पर MHA द्वारा शुरू किया गया एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म है जहाँ पीड़ित ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना दी जा सकती है।
2020 से अब तक भारत का साइबर अपराध पुलिस ढाँचा कितना विस्तृत हुआ है?
भारत में समर्पित साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों का नेटवर्क 2020 में 169 से बढ़कर 2026 तक 459 हो गया — लगभग 172% की वृद्धि। यह विस्तार बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए कानून-प्रवर्तन की विशेष व्यवस्था मजबूत करने के भारत के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
भारत में साइबर अपराध का अभियोजन किस कानूनी ढाँचे के तहत होता है?
भारत में साइबर अपराध का अभियोजन मुख्यतः सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (IT अधिनियम) के तहत होता है, जिसमें हैकिंग, डेटा चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराध शामिल हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 — जिसने IPC की जगह ली — में भी धोखाधड़ी, जबरन वसूली और पहचान चोरी से संबंधित साइबर अपराध प्रावधान हैं।