केंद्रीय कैबिनेट ने 1,800 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए आप्रवासन, वीज़ा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। गृह मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही यह योजना भारत की आप्रवासन और वीज़ा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है।

IVFRT एक मिशन-मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य विदेशी यात्रियों की पूरी प्रक्रिया — वीज़ा आवेदन से लेकर भारत में प्रवेश, देश के भीतर गतिविधियों और अंतिम निकास — के प्रबंधन के लिए सुरक्षित, एकीकृत और सेवा-उन्मुख ढांचा तैयार करना है।

पिछले चरण में इस प्रणाली ने ऑनलाइन अपॉइंटमेंट तय करने और भुगतान की सुविधाओं के साथ 100% संपर्क रहित और फेसलेस वीज़ा प्रक्रिया हासिल की। खास बात यह है कि पिछले पांच वर्षों में 91.24% ई-वीज़ा आवेदनों को 72 घंटों के भीतर मंजूरी दी गई।

नए चरण में निर्बाध और सुरक्षित यात्री आवाजाही के लिए मोबाइल-आधारित सेवाओं और स्व-सेवा कियोस्क सहित उभरती तकनीकों को अपनाया जाएगा। इससे वैध यात्रियों को सुविधा मिलेगी, राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और अवैध प्रवासन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।