स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 6 मई 2026 को बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नवाचार और समावेशन पर दसवें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन: भारत के स्वास्थ्य भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम प्रथाएं के दौरान हाल में स्वस्थ भारत पोर्टल शुरू किया। मंत्रालय ने इसे एकीकृत, दक्ष और जरूरत के अनुसार बढ़ाई जा सकने वाली डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य संरचना की ओर बदलाव बताया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत बनाए गए कई डिजिटल अनुप्रयोगों ने सेवा वितरण, निगरानी और रिपोर्टिंग में मदद की है, पर वे कई अलग-अलग ढांचों में चलते रहे, जिससे दोहराव वाला काम, बिखरा हुआ डेटा-संग्रह और संसाधनों का कम उपयोग हुआ। इसलिए स्वस्थ भारत को ऐसे एग्रीगेटर प्लेटफ़ॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो तकनीकी इंटरफेस पर आधारित संघीय संरचना से मौजूदा प्रणालियों को जोड़ता है। यह कार्यक्रमों में एकीकृत डिजिटल परत बनाएगा, कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही इंटरफेस पर लाएगा, अनेक लॉगिन और दोहराव वाली डेटा प्रविष्टि घटाएगा तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का प्रशासनिक बोझ कम करेगा। आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और चिकित्सा अधिकारी जैसे अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी अक्सर कार्यक्रम रिपोर्टिंग के लिए अलग-अलग अनुप्रयोगों में काफी समय लगाते हैं। पोर्टल का उद्देश्य उन्हें निगरानी और साक्ष्य-आधारित योजना के लिए डेटा को दृश्य रूप में दिखाने वाले उपकरणों सहित एक ही प्लेटफ़ॉर्म देना है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप है और रोगी स्वास्थ्य अभिलेखों के सुरक्षित आदान-प्रदान के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता एकीकरण में मदद करता है। मंत्रालय ने कहा कि पोर्टल आगे स्वास्थ्य पेशेवर रजिस्ट्री और स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री जैसी राष्ट्रीय रजिस्ट्रियों से जुड़ सकता है। अपेक्षित दक्षता लाभों में अवसंरचना भार में 20-30 प्रतिशत कमी तथा डेटा प्रविष्टि प्रयास और मानव संसाधन दोहराव में 20-40 प्रतिशत कमी शामिल है। पोर्टल सार्वजनिक स्वास्थ्य में अभिसरण, दक्षता और डेटा-आधारित शासन को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है।