भारतीय विज्ञान: वैज्ञानिकों का योगदान, संस्थाएँ, रोबोटिक्स, नैनोतकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग, सरकारी नीतियाँ, डिजिटल इंडिया, साइबर सुरक्षा एवं डेटा गोपनीयता
मुख्य तथ्य
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) — स्वीकृति: अप्रैल 2023, CCEA द्वारा — बजट: 8 वर्षों में 6,003 करोड़ रुपये (2023–2031)
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 — भारत का पहला व्यापक डेटा गोपनीयता कानून — अधिनियमन: अगस्त 2023
- CERT-In (कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल — भारत) — स्थापना: IT अधिनियम 2000 की धारा 70B के तहत
- UPI (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) — लॉन्च: अगस्त 2016, NPCI द्वारा — मार्च 2025: 20.64 लाख करोड़ रुपये के 14.96 अरब लेन-देन
- ऐरावत एवं इंडियाएआई मिशन — ऐरावत: कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान, विश्लेषण और ज्ञान आत्मसात प्लेटफ़ॉर्म
मुख्य बिंदु
- 1
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM)
- स्वीकृति: अप्रैल 2023, CCEA द्वारा
- बजट: 8 वर्षों में 6,003 करोड़ रुपये (2023–2031)
- लक्ष्य: 2031 तक 50–1,000 क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर
- सुरक्षित क्वांटम संचार: 2,000+ किमी रेंज
- नोडल मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
- 2
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023
- भारत का पहला व्यापक डेटा गोपनीयता कानून
- अधिनियमन: अगस्त 2023
- "डेटा प्रिंसिपल" = नागरिक जिनका डेटा संसाधित होता है
- "डेटा फिड्यूशरी" = डेटा संसाधित करने वाले संगठन
- न्यायनिर्णयन प्राधिकरण: भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड
- 3
CERT-In (कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल — भारत)
- स्थापना: IT अधिनियम 2000 की धारा 70B के तहत
- भूमिका: साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी
- अप्रैल 2022 निर्देश: अनिवार्य 6 घंटे में उल्लंघन रिपोर्टिंग
- लॉग प्रतिधारण: 180 दिन; VPN उपयोगकर्ता लॉग: 5 वर्ष
- 4
UPI (एकीकृत भुगतान इंटरफेस)
- लॉन्च: अगस्त 2016, NPCI द्वारा
- मार्च 2025: 20.64 लाख करोड़ रुपये के 14.96 अरब लेन-देन
- भारत की हिस्सेदारी: वैश्विक रियल-टाइम भुगतान का 50%+
- निर्यात: सिंगापुर, UAE, फ्रांस, UK, भूटान, नेपाल, श्रीलंका
- 5
ऐरावत एवं इंडियाएआई मिशन
- ऐरावत: कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान, विश्लेषण और ज्ञान आत्मसात प्लेटफ़ॉर्म
- भूमिका: भारत का राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढाँचा
- इंडियाएआई मिशन स्वीकृति: मार्च 2024
- बजट: 5 वर्षों में 10,371 करोड़ रुपये (2024–2029)
- संचालन: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडियाएआई प्रभाग द्वारा
- 6
चंद्रयान-3
- लैंडिंग तिथि: 23 अगस्त 2023
- लैंडिंग स्थल: चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव (पहली बार सफल सॉफ्ट लैंडिंग)
- अंतरिक्षयान: विक्रम लैंडर + प्रज्ञान रोवर
- भारत बना: चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा, दक्षिणी ध्रुव पर पहला देश
- 7
नैनो मिशन (नैनोविज्ञान और नैनोतकनीक पर राष्ट्रीय मिशन)
- लॉन्च: 2007, DST के तहत
- चरण-1 बजट: 1,000 करोड़ रुपये (2007–2017)
- फोकस क्षेत्र: नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स, नैनो-चिकित्सा, नैनो-सामग्री
- प्रमुख केंद्र: नैनोविज्ञान अनुसंधान के लिए 4 CeNS/NCL केंद्र
- 8
DRDO रोबोटिक्स — प्रमुख प्रणालियाँ
- DAKSHA: रिमोट-नियंत्रित बम निष्क्रियकरण रोबोट (सेना + NSG)
- MUNTRA: मानवरहित ग्राउंड वाहन — निगरानी, खदान पहचान, CBRN संस्करण
- RoboAnalyzer: IIT दिल्ली में रोबोटिक्स शिक्षा के लिए विकसित
- 9
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM)
- लॉन्च: 2015, DST और MeitY द्वारा संयुक्त रूप से
- बजट: 4,500 करोड़ रुपये
- लक्ष्य: IITs, NITs और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में 70+ सुपरकंप्यूटर
- प्रमुख उपलब्धियाँ: PARAM रुद्र (2024 लॉन्च), PARAM सिद्धि-AI
- 10
आधार (UIDAI)
- नामांकित: 1.37 अरब व्यक्ति (2025 तक)
- दर्जा: विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक डिजिटल पहचान प्रणाली
- भूमिका: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के लिए प्रमाणीकरण रीढ़
- DBT रिसाव बचत: 3.48 लाख करोड़ रुपये (2024 तक संचयी)
- 11
IT अधिनियम 2000 एवं साइबर कानून मील के पत्थर
- IT अधिनियम 2000: भारत का मूलभूत साइबर कानून (2008 में संशोधित)
- धारा 66A (आपत्तिजनक ऑनलाइन संदेश): *श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ* (2015) में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रद्द
- राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति 2013: भारत का पहला समर्पित साइबर सुरक्षा नीति दस्तावेज
- 12
प्रमुख भारतीय वैज्ञानिक (RPSC परीक्षा फोकस)
- C.V. रामन: नोबेल पुरस्कार 1930, रामन प्रभाव (1928)
- होमी भाभा: परमाणु कार्यक्रम के पितामह; TIFR 1945, BARC 1954 स्थापित
- सत्येन्द्र नाथ बोस: बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी; बोसॉन उनके नाम पर
- विक्रम साराभाई: अंतरिक्ष कार्यक्रम के पितामह; PRL 1947, ISRO 1969 स्थापित
- 13
भारतनेट, ONDC, और UMANG
- भारतनेट: सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य
- ONDC (डिजिटल वाणिज्य के लिए ओपन नेटवर्क): 2022 लॉन्च; प्लेटफॉर्म एकाधिकार तोड़ने वाला प्रोटोकॉल
- UMANG ऐप: एक प्लेटफॉर्म पर 1,800+ सरकारी सेवाएँ एकीकृत (2017 लॉन्च)
- 14
आदित्य-L1 — भारत की सौर वेधशाला
- प्रक्षेपण तिथि: 2 सितम्बर 2023, PSLV-C57 द्वारा
- L1 पर पहुँचा: 6 जनवरी 2024
- मिशन: निरंतर सौर अवलोकन — कोरोना, CME, सौर वायु
- महत्त्व: भारत का पहला समर्पित सौर वेधशाला मिशन
---
PYQ दोहराव
यह टॉपिक 2024, 2023, 2021, 2018, 2016 में पूछा गया है। पहले नोट दोहराएँ, फिर जुड़े प्रश्न खोलें।
आगे पढ़ें
इस विषय में RAS के लिए क्या-क्या पढ़ना है?
इस विषय में RAS के लिए भारत की वैज्ञानिक विरासत, वैज्ञानिक संस्थाएँ, रोबोटिक्स, नैनोतकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई, डिजिटल इंडिया, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को भारत-विशिष्ट नीति और कार्यक्रमों के साथ पढ़ना है। RPSC के आधिकारिक सिलेबस पृष्ठ पर 09/01/2026 को राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 के मुख्य और प्रारम्भिक परीक्षा से जुड़े 5 दस्तावेज जारी दिखते हैं।
टॉपिक 71 पेपर दो के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंड में सबसे गतिशील और लगातार पूछे जाने वाले विषयों में से एक है। यह तीन अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ता है जिन पर RPSC ने बार-बार प्रश्न पूछे हैं:
- (क) भारत की वैज्ञानिक विरासत और संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र
- (ख) राष्ट्रीय नीतिगत आयामों वाली उभरती प्रौद्योगिकियाँ — नैनोतकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई और रोबोटिक्स
- (ग) भारत के डिजिटल परिवर्तन को नियंत्रित करने वाला नीतिगत एवं नियामक ढाँचा — डिजिटल इंडिया, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता
RPSC 2026 के पाठ्यक्रम में ये सभी उप-विषय एक ही टॉपिक के अंतर्गत स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध हैं, अर्थात परीक्षक आठ में से किसी भी उप-क्षेत्र से प्रश्न पूछ सकते हैं। विगत प्रश्न रिकॉर्ड इस विस्तार की पुष्टि करता है: भारतीय वैज्ञानिक (2021, 10 अंक), नैनो मिशन (2018, 5 अंक), क्वांटम कंप्यूटिंग (2023, 2 अंक), एआईआरएडब्ल्यूएटी + चैटजीपीटी (2023, 10 अंक), एआई/एलएलएम (2024, 10 अंक), डिजिटल रुपी बनाम UPI (2024, 2 अंक), और डिजिटल पर्यटन पहल (2024, 5 अंक) — सभी पूछे जा चुके हैं।
2026 की परीक्षा में DPDP अधिनियम 2023, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडियाएआई मिशन — ये सभी 2023 के बाद के विकास — पूछे जाने की संभावना है जो पिछले सभी प्रश्नपत्रों में अनुपस्थित हैं।
विषय-क्षेत्र की सीमाएँ
- इस टॉपिक का दायरा भारत-विशिष्ट है (टॉपिक 70 के विपरीत जो अमूर्त/वैश्विक है)।
- सामान्य क्वांटम यांत्रिकी सिद्धांत टॉपिक 68 (भौतिकी) में आता है; इस टॉपिक में भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया, संस्थागत कर्ता और विशिष्ट कार्यक्रम अपेक्षित हैं।
- ISRO मिशन (चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, गगनयान) यहाँ भारत की विज्ञान संस्थाओं और उपलब्धियों के संदर्भ में आते हैं; विस्तृत प्रक्षेपण यान और उपग्रह प्रौद्योगिकी टॉपिक 72 में आती है।
- चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 दोनों टॉपिक के लिए वैध परीक्षा सामग्री हैं।
परीक्षा दृष्टिकोण
5-अंकीय (50-शब्द) प्रश्नों के लिए, विशिष्ट संख्याएँ याद रखें — कार्यक्रम बजट, प्रक्षेपण तिथियाँ, संस्था स्थापना वर्ष, नीति अधिनियमन वर्ष। हर उत्तर की संरचना: क्या + भारत का नीतिगत/संदर्भ + 2–3 प्रमुख तथ्य संख्याओं के साथ।
---
भारत का AI और प्रौद्योगिकी परिदृश्य — मुख्य आंकड़े
₹10,372 cr
IndiaAI मिशन (2024)
₹6,003 cr
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
3rd
विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र
UPI
वैश्विक रियल-टाइम भुगतानों का 50%
डिजिटल इंडिया और AI यात्रा (2000–2024)
2000
आईटी अधिनियम
2009
आधार
2015
डिजिटल इंडिया
2016
UPI शुरू
2022
CERT-In 6-घंटे नियम
2023
DPDP अधिनियम + NQM ₹6,003 करोड़
2024
AI मिशन ₹10,372 करोड़
पूरा नोट खोलें
यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।
12 और खंड पूरे नोट में हैं
स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।
15Mभारत की राष्ट्रीय क्वांटम मिशन क्या है? इसका बजट और मुख्य उद्देश्य बताइए।
मॉडल उत्तर
भारत की राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) को अप्रैल 2023 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत 8 वर्षों (2023–2031) के लिए 6,003 करोड़ रुपये के बजट के साथ स्वीकृत किया गया। उद्देश्य: 50–1,000 भौतिक क्यूबिट के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना; 2,000+ किमी सुरक्षित क्वांटम संचार; IISc, IIT मद्रास, IIT बॉम्बे और TIFR में चार T-Hub के माध्यम से क्वांटम सेंसिंग, मेट्रोलॉजी एवं सामग्री क्षमता निर्माण।
~50 शब्द · 5 अंक
