केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नई दिल्ली में भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार के बीच असम-नगालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन (Mineral Oil Operations) से संबंधित एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा तथा नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो उपस्थित रहे। यह MoU पहचाने गए रुचि वाले क्षेत्र (Area of Interest) में पेट्रोलियम की खोज एवं उत्पादन के लिए एक समन्वित ढांचा स्थापित करता है, जिसमें परिचालन निरंतरता, कर्मियों तथा संपत्तियों की सुरक्षा और सभी हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया गया है। शाह ने इस समझौते को सहकारी संघवाद का श्रेष्ठ उदाहरण बताया तथा कहा कि ऐसे समझौते के अभाव और कुछ चुनौतियों के कारण लंबे समय तक दोनों राज्यों का आर्थिक विकास प्रभावित हुआ था। उन्होंने कहा कि वर्तमान 1,000-1,500 बैरल प्रतिदिन की दोहन क्षमता दस गुना से अधिक बढ़ सकती है तथा छह फील्ड्स के अलावा पूरे नगालैंड में खोज की संभावना है, जिससे तेल-गैस के लिए विदेशी निर्भरता कम होगी। शांति एवं सुरक्षा के संदर्भ में शाह ने कहा कि 2019 के बाद पूर्वोत्तर में कुल 12 समझौते हुए हैं, जिससे हिंसा में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर का 80 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र अब AFSPA से मुक्त है और एक-दो राज्यों को छोड़कर अगले वर्ष पूरे क्षेत्र से AFSPA समाप्त किए जाने का विश्वास जताया। उन्होंने यह भी कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक सीमा विवाद सुलझाए जा चुके हैं।
अमित शाह की मौजूदगी में असम-नगालैंड त्रिपक्षीय खनिज तेल MoU पर हस्ताक्षर
भारत, असम और नगालैंड के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन पर त्रिपक्षीय MoU अमित शाह की मौजूदगी में हस्ताक्षरित; शाह ने 2019 के बाद 12 समझौते, हिंसा में ~80% कमी और 80% से अधिक क्षेत्र के AFSPA-मुक्त होने का उल्लेख किया।
मुख्य तथ्य
- भारत सरकार, असम और नगालैंड के बीच असम-नगालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए खनिज तेल संचालन पर त्रिपक्षीय MoU पर हस्ताक्षर।
- नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हस्ताक्षर; हरदीप सिंह पुरी, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो उपस्थित रहे।
- वर्तमान 1,000-1,500 बैरल प्रतिदिन की दोहन क्षमता दस गुना से अधिक बढ़ सकती है; छह फील्ड्स के अलावा पूरे नगालैंड में खोज संभव।
- शाह ने MoU को सहकारी संघवाद का श्रेष्ठ उदाहरण बताया, जो ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और विदेशी निर्भरता घटाने पर केंद्रित है।
- 2019 के बाद पूर्वोत्तर में 12 समझौतों से हिंसा में लगभग 80% की कमी आई।
- पूर्वोत्तर का 80% से अधिक क्षेत्र अब AFSPA-मुक्त; 50% से अधिक सीमा विवाद सुलझाए जा चुके।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जून 2026 में हस्ताक्षरित असम-नगालैंड त्रिपक्षीय खनिज तेल MoU के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. यह MoU भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार के बीच हस्ताक्षरित किया गया।\n2. यह MoU केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की मौजूदगी में हस्ताक्षरित हुआ, जो ऐसे समझौतों के एकमात्र हस्ताक्षरकर्ता प्राधिकारी हैं।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है: असम-नगालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन पर यह MoU भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार के बीच हस्ताक्षरित हुआ। कथन 2 गलत है: यह MoU गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हस्ताक्षरित हुआ; पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित अवश्य थे, परन्तु उन्हें एकमात्र हस्ताक्षरकर्ता प्राधिकारी नहीं बताया गया। अतः केवल कथन 1 सही है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खनिज तेल संचालन पर त्रिपक्षीय MoU पर किन पक्षों ने हस्ताक्षर किए?
भारत सरकार, असम सरकार और नगालैंड सरकार ने गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इस MoU पर हस्ताक्षर किए।
इस MoU का उद्देश्य क्या है?
यह असम-नगालैंड सीमावर्ती रुचि वाले क्षेत्र में पेट्रोलियम की खोज एवं उत्पादन के लिए समन्वित ढांचा स्थापित करता है, जिसमें परिचालन निरंतरता, कर्मियों एवं संपत्तियों की सुरक्षा तथा प्रभावी समन्वय सुनिश्चित कर ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है।
अमित शाह ने पूर्वोत्तर में AFSPA पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर का 80% से अधिक क्षेत्र अब AFSPA से मुक्त है और एक-दो राज्यों को छोड़कर अगले वर्ष पूरे क्षेत्र से AFSPA समाप्त किए जाने का विश्वास जताया।
2019 के बाद पूर्वोत्तर में कितने शांति समझौते हुए हैं?
2019 के बाद 12 समझौते हुए हैं, जिनसे शाह के अनुसार हिंसा में लगभग 80% की कमी आई।
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