भारत ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई, जो 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को शुरू किया गया 96 घंटे का त्रि-सेना अभियान था। इस वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्रालय ने आंकड़े जारी किए, जिनके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.6 प्रतिशत की वार्षिक उछाल है। जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच 24,000 करोड़ रुपये के नए निर्यात आदेश दर्ज किए गए, जिनमें मुख्य रूप से BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली, Akash-NG वायु रक्षा प्रणाली, स्वदेशी घूमकर लक्ष्य भेदने वाले गोला-बारूद तथा Netra हवाई पूर्व चेतावनी और नियंत्रण प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। पहली बार निजी रक्षा क्षेत्र ने कुल निर्यात में लगभग आधा योगदान दिया, जो 17,353 करोड़ रुपये रहा; इसमें वार्षिक 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों के बीच बढ़ते आपसी तालमेल को दिखाया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के भारत के प्रयासों से राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली ताकत को रेखांकित किया। इस अभियान में सौ से अधिक आतंकवादियों का सफाया हुआ, 13 पाकिस्तानी विमान नष्ट किए गए और ग्यारह हवाई अड्डों को क्षति पहुंचाई गई थी, तथा हवा से प्रक्षेपित BrahMos मिसाइल की उन्नत प्रतिरक्षा भेदन क्षमता सिद्ध हुई। रक्षा मंत्रालय ने पिछले वर्ष में 6.81 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी दी है, जिसमें ड्रोन, एंटी-ड्रोन प्रणाली, सटीक गोला-बारूद और सुरक्षित संचार के लिए आपातकालीन खरीद शामिल है।
भारत ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई; रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये बताया, जो वर्ष-दर-वर्ष 62.6 प्रतिशत की वृद्धि है
7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये बताया। यह 62.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है, जो BrahMos, Akash-NG, लोइटरिंग मूनिशन्स तथा Netra AEW&C के निर्यात के बल पर हुई।
मुख्य तथ्य
- 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ है, जो 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद 7 मई 2025 को शुरू किया गया 96 घंटे का त्रि-सेना अभियान था
- वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा; रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार यह वर्ष-दर-वर्ष 62.6 प्रतिशत की वृद्धि है
- जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच 24,000 करोड़ रुपये के नए निर्यात ऑर्डर मिले, जिनमें BrahMos, Akash-NG, लोइटरिंग मूनिशन्स तथा Netra AEW&C की अहम भूमिका रही
- निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपये का योगदान दिया (कुल निर्यात का 45.16 प्रतिशत), जिसमें वार्षिक 14 प्रतिशत वृद्धि हुई
- रक्षा मंत्रालय ने पिछले वर्ष में 6.81 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी दी, जिसमें ड्रोन, एंटी-ड्रोन प्रणाली और सटीक गोला-बारूद की आपातकालीन खरीद शामिल है
6-अक्ष वर्गीकरण
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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई 2026 के आसपास रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल रक्षा निर्यात कितना रहा?
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 62.6 प्रतिशत की वृद्धि है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू किया गया और इसका कारण क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को 96 घंटे के त्रि-सेना अभियान के रूप में शुरू किया गया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो साल-दर-साल 62.6 प्रतिशत की वृद्धि है।
नए निर्यात ऑर्डर का बड़ा हिस्सा किन प्लेटफॉर्म से आया?
BrahMos क्रूज मिसाइल प्रणाली, Akash-NG वायु रक्षा प्रणाली, स्वदेशी लोइटरिंग मूनिशन्स और Netra AEW&C प्लेटफॉर्म से मिलकर जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच बुक किए गए 24,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर का बड़ा हिस्सा आया।
रक्षा निर्यात में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी कितनी रही?
निजी क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में 17,353 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जो कुल निर्यात का 45.16 प्रतिशत है, और इसमें साल-दर-साल 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
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