गृह मंत्रालय ने 3 मई 2026 को बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मिशन दृष्टि तैयार करने के लिए गैलेक्सआई के युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी। आधिकारिक PIB विज्ञप्ति में मिशन दृष्टि को विश्व का पहला ऑप्टोसार उपग्रह बताया गया, क्योंकि यह एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर ऑप्टिकल कैमरे और सर्व-मौसम रडार को जोड़ता है। इसमें इस अंतरिक्षयान को भारत का सबसे बड़ा निजी तौर पर निर्मित उपग्रह भी कहा गया और इस उपलब्धि को भारत को अंतरिक्ष-शक्ति राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय प्रयास से जोड़ा गया।

यह विज्ञप्ति विज्ञान और प्रौद्योगिकी की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में दो जुड़े बदलावों को दिखाती है: निजी उपग्रह निर्माताओं का उभार और बहु-सेंसर पृथ्वी-अवलोकन प्रणालियों का उपयोग। ऑप्टिकल कैमरे दृश्य विशेषताओं को देखने में मदद करते हैं, जबकि सर्व-मौसम रडार तब भी अवलोकन की क्षमता देता है जब मौसम या बादलों के कारण सामान्य ऑप्टिकल दृश्यता कम हो जाती है। दोनों क्षमताओं को साथ लाकर मिशन दृष्टि को गृह मंत्री ने ऐसा उपग्रह बताया जो पृथ्वी के अवलोकन के तरीके को बदल देगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि यह प्रक्षेपण भारतीय युवाओं की प्रतिभा को दर्शाता है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अंतरिक्ष-शक्ति भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने गैलेक्सआई टीम को भावी अभियानों के लिए शुभकामनाएं दीं। परीक्षाओं के लिए मुख्य तथ्य हैं: बयान जारी करने वाली संस्था, विज्ञप्ति की तिथि, कंपनी का नाम, उपग्रह का नाम, विश्व के पहले ऑप्टोसार का दावा, ऑप्टिकल कैमरे और सर्व-मौसम रडार का संयोजन, तथा मिशन दृष्टि को भारत का सबसे बड़ा निजी तौर पर निर्मित उपग्रह बताया जाना।