25–26 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को 31 मार्च 2026 के बाद 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए ₹1,800 करोड़ के परिव्यय के साथ जारी रखने की मंजूरी दी।

IVFRT एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो आव्रजन चौकियों, वीजा जारी करने वाले केंद्रों और विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों (FRRO) को एकीकृत और सुरक्षित ढांचे में जोड़ता है। पिछले चरण (2021–2026) की उपलब्धियां: 100% संपर्क रहित और फेसलेस वीजा प्रसंस्करण; 91.24% ई-वीजा आवेदन 72 घंटों में संसाधित; आव्रजन चौकियों पर औसत यात्री निकासी समय 5–6 मिनट से घटकर 2.5–3 मिनट; 13 प्रमुख हवाईअड्डों पर फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) के तहत स्वचालित ई-गेट से 30 सेकंड में निकासी।

2026–2031 चरण में मोबाइल-आधारित सेवाएं, स्व-सेवा कियोस्क, एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और अधिक हवाईअड्डों पर FTI-TTP का विस्तार किया जाएगा। यह योजना राजस्थान में बाहर से आने वाले पर्यटकों के बढ़ते क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखती है।