भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने हैदराबाद के अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी हैदराबाद) के सहयोग से सोमवार को फेस और आइरिस संबंधी बायोमेट्रिक एसडीके बेंचमार्किंग चुनौतियों के विजेताओं को सम्मानित किया। फिंगरप्रिंट चैलेंज की सफलता को आगे बढ़ाते हुए यूआईडीएआई ने दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 के बीच फेस और आइरिस एज वेरिएंस चैलेंज आयोजित किए, जिनमें कुल 531 पंजीकरण प्राप्त हुए। व्यापक परीक्षणों और प्रदर्शन की एक श्रृंखला के बाद स्लोवाकिया की इनोवेट्रिक्स ने फेस चैलेंज में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद अमेरिका की आईडीबीआईओ और लिथुआनिया की न्यूरोटेक्नोलॉजी का स्थान रहा। आइरिस चैलेंज में आईडीबीआईओ ने पहला स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद न्यूरोटेक्नोलॉजी और इनोवेट्रिक्स रहीं। विजेताओं के अलावा परफियोस, ऊरु और आईआईआईटी हैदराबाद सहित कई भारतीय कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया। यह पहल स्वदेशी बायोमेट्रिक एसडीके समाधान विकसित करने और बायोमेट्रिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए यूआईडीएआई के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इन चुनौतियों का उद्देश्य भारत और अन्य देशों के अग्रणी प्रौद्योगिकी प्रदाताओं तथा अनुसंधान संस्थानों से उच्च प्रदर्शन वाले 1:1 चेहरे और परितारिका मिलान समाधानों की पहचान करना था। मूल्यांकन एक नियंत्रित निष्पादन वातावरण में बड़े और अनाम डेटा सेट का उपयोग करके किए गए। इन चुनौतियों की एक अनूठी विशेषता 5 से 10 वर्ष की आयु के बच्चों के दीर्घकालिक बायोमेट्रिक डेटासेट का उपयोग था, जिसमें प्रत्येक नमूने के बीच पाँच वर्ष का अंतराल था, ताकि बढ़ती उम्र में सत्यापन प्रणालियों की कारगरता को मापा जा सके। यूआईडीएआई ने इसे विश्व स्तर पर एक अनूठी चुनौती बताया।