केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने उन्नत संचार प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) की स्थापना के लिए आईआईटी हैदराबाद के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सीओई का उद्देश्य उन्नत संचार क्षेत्रों में स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है, जिसमें वायरलेस संचार, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और एआई-आधारित अनुप्रयोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह सी-डॉट द्वारा स्थापित चौथा ऐसा सीओई है। इससे पहले आईआईटी कानपुर, आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी रुड़की में इसी प्रकार के केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे राष्ट्रीय नवाचार इकोसिस्टम और सुदृढ़ होगा। यह केंद्र उच्च-प्रभावशाली अनुसंधान एवं विकास के लिए एक समर्पित केंद्र के रूप में कार्य करेगा तथा आईआईटी हैदराबाद की अकादमिक उत्कृष्टता और स्वदेशी दूरसंचार समाधानों में सी-डॉट की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर शिक्षा जगत और उद्योग के बीच समन्वय को मजबूत करेगा। यह केंद्र 5G एडवांस्ड/6G प्रौद्योगिकियों, वेरी लार्ज-स्केल मीमो सिस्टम, एकीकृत सेंसिंग और संचार प्रणालियों, एआई-सक्षम संचार नेटवर्क तथा क्वांटम और पोस्ट-क्वांटम संचार जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और प्रोटोटाइप विकास कार्य करेगा। समझौता ज्ञापन पर आईआईटी हैदराबाद के निदेशक प्रोफेसर बी.एस. मूर्ति और सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय द्वारा हस्ताक्षर किए गए, जिसके बाद सीओई का उद्घाटन हुआ। सी-डॉट पहले ही आईआईटी हैदराबाद स्थित स्टार्टअप WiSig के साथ 5G ओ-रैन समाधानों के विकास और तैनाती हेतु अनुबंध कर चुका है। यह पहल स्टार्टअप्स को सहयोग देगी, बौद्धिक संपदा सृजन को सुगम बनाएगी और भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य में योगदान देगी।