मई 2026 के अंत में दिल्ली स्थित प्रमुख थिंक टैंक ICRIER-Prosus इंटरनेट एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था केंद्र (IPCIDE) द्वारा जारी स्टेट ऑफ इंडियाज डिजिटल इकॉनमी (SIDE) 2026 रिपोर्ट के अनुसार भारत वैश्विक स्तर पर पाँचवीं सबसे डिजिटलीकृत अर्थव्यवस्था एवं वैश्विक AI क्षमता सूचकांक पर चौथे स्थान पर उभरा है। बेंचमार्किंग अभ्यास में CHIPS फ्रेमवर्क कनेक्टिविटी, हार्नेसिंग, इनोवेशन, प्रोटेक्शन एवं सस्टेनेबिलिटी का उपयोग करते हुए 96 प्रतिशत वैश्विक GDP वाले 71 अर्थव्यवस्थाओं को कवर किया गया। भारत CHIPS कम्बाइंड इंडेक्स पर 2025 के आठवें स्थान से तीन पायदान ऊपर चढ़कर 2026 में पाँचवें स्थान पर पहुँच गया तथा जर्मनी, फ्रांस, जापान एवं कनाडा को पीछे छोड़ दिया। AI पर भारत संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन एवं सिंगापुर के बाद चौथे स्थान पर है, देश वैश्विक AI उपयोगकर्ताओं का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा रखता है तथा विश्व का दूसरा सबसे बड़ा AI प्रतिभा पूल रखता है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि विश्व स्तर पर 72 प्रतिशत AI उपयोगकर्ता अब विकासशील देशों में हैं, भारत एवं चीन मिलकर विश्वव्यापी AI अंगीकरण का लगभग दो-पाँचवाँ हिस्सा रखते हैं। भारत के डिजिटली डिलीवर्ड सेवाओं का निर्यात लगभग 328 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे भारत निम्न मध्यम आय अर्थव्यवस्था होने के बावजूद इस श्रेणी में सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। चालक तत्वों में आधार, UPI, ONDC एवं DigiLocker का डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टैक, गहरी इंटरनेट-स्मार्टफोन पैठ, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र एवं डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 तथा IndiaAI मिशन 2024 जैसे नीतिगत सुधार शामिल हैं। रिपोर्ट भारत को निजी AI निवेश, कंप्यूट अवसंरचना एवं ग्रामीण डिजिटल पहुँच में अंतर पाटने हेतु सावधान करती है।