21 जून 2026 को परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने वडोदरा स्थित भारी जल बोर्ड सुविधा (एचडब्ल्यूबीएफ) में स्वदेशी बहुमुखी ड्यूटेरेटेड यौगिक उत्पादन संयंत्र (वीडीपीपी) का उद्घाटन किया और 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल को चालू किया। यह कदम भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं और रणनीतिक सामग्री कार्यक्रम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। वीडीपीपी उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, रणनीतिक अनुप्रयोगों और अत्याधुनिक तकनीकी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक विशिष्ट ड्यूटेरेटेड यौगिकों के उत्पादन की देश की स्वदेशी क्षमता को बढ़ाता है। इस संयंत्र का उद्देश्य उच्च शुद्धता वाले ड्यूटेरेटेड विलायकों के स्वदेशी उत्पादन के माध्यम से इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करना है। 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल का चालू होना, भारत के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण सामग्री परमाणु-ग्रेड सोडियम के स्वदेशी औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन की दिशा में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि है। निरंतर अनुसंधान, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से विकसित यह सुविधा, आत्मनिर्भर भारत की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप, भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण के लिए आवश्यक रणनीतिक सामग्रियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर डॉ. मोहंती ने कहा कि ये उपलब्धियां स्वदेशी अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से महत्वपूर्ण सामग्रियों एवं प्रौद्योगिकियों के विकास में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाती हैं, रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करती हैं और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दीर्घकालिक उद्देश्यों में योगदान देती हैं। यह समारोह होमी भाभा चेयर प्रोफेसर एवं डीएई के पूर्व सचिव श्री के.एन. व्यास तथा श्री वी.वी.एस.ए. प्रसाद और श्री के.वी. ताले सहित भारी जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
डीएई ने वडोदरा स्थित एचडब्ल्यूबीएफ में बहुमुखी ड्यूटेरेटेड यौगिक उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन किया, 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल चालू किया
21 जून 2026 को डीएई के सचिव और एईसी के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने वडोदरा स्थित भारी जल बोर्ड सुविधा में स्वदेशी बहुमुखी ड्यूटेरेटेड यौगिक उत्पादन संयंत्र (वीडीपीपी) का उद्घाटन किया और 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल को चालू किया। ये सुविधाएं फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम के लिए परमाणु-ग्रेड सोडियम सहित रणनीतिक सामग्रियों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करती हैं।
मुख्य तथ्य
- डॉ. अजीत कुमार मोहंती, सचिव डीएई एवं अध्यक्ष एईसी ने 21 जून 2026 को वडोदरा स्थित एचडब्ल्यूबीएफ में वीडीपीपी का उद्घाटन किया और 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल चालू किया।
- बहुमुखी ड्यूटेरेटेड यौगिक उत्पादन संयंत्र (वीडीपीपी) उन्नत अनुसंधान और रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए विशिष्ट ड्यूटेरेटेड यौगिकों के उत्पादन की स्वदेशी क्षमता को मजबूत करता है।
- 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल परमाणु-ग्रेड सोडियम के स्वदेशी औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन की दिशा में एक मील का पत्थर है।
- परमाणु-ग्रेड सोडियम भारत के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री है।
- ये सुविधाएं भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना का समर्थन करती हैं।
- समारोह में होमी भाभा चेयर प्रोफेसर एवं डीएई के पूर्व सचिव श्री के.एन. व्यास उपस्थित थे।
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जून 2026 में वडोदरा स्थित एचडब्ल्यूबीएफ में चालू किया गया 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल निम्नलिखित में से किस महत्वपूर्ण सामग्री के स्वदेशी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है?
पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार, 24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल परमाणु-ग्रेड सोडियम के स्वदेशी औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन की दिशा में एक मील का पत्थर है, जो भारत के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वडोदरा स्थित एचडब्ल्यूबीएफ में वीडीपीपी का उद्घाटन किसने किया?
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने 21 जून 2026 को इसका उद्घाटन किया।
वीडीपीपी का पूर्ण रूप क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
वीडीपीपी का अर्थ बहुमुखी ड्यूटेरेटेड यौगिक उत्पादन संयंत्र है। यह उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, रणनीतिक अनुप्रयोगों और अत्याधुनिक तकनीकों के लिए आवश्यक विशिष्ट ड्यूटेरेटेड यौगिकों के उत्पादन की स्वदेशी क्षमता को मजबूत करता है।
24 केए प्रोटोटाइप सोडियम सेल क्यों महत्वपूर्ण है?
यह परमाणु-ग्रेड सोडियम के स्वदेशी औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन की दिशा में एक मील का पत्थर है, जो भारत के फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री है।
ये सुविधाएं भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के किस चरण का समर्थन करती हैं?
ये भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण का समर्थन करती हैं।
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