28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के चरण-I का उद्घाटन किया। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित इस हवाई अड्डे में चरण-I में लगभग ₹11,200 करोड़ का निवेश हुआ है (कुल परियोजना लागत अनुमानित ₹29,560 करोड़)। पहला टर्मिनल (T1) 1,00,000 वर्ग मीटर में फैला है और इसकी क्षमता प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की है। चरण-I में 3,900 मीटर का एक रनवे परिचालन में है।

यह भारत का पहला नेट-जीरो उत्सर्जन हवाई अड्डा है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, प्राकृतिक प्रकाश व्यवस्था और वर्षा जल संचयन प्रणाली शामिल है। इसे 2036 तक 7 करोड़ और 2050 तक 6-12 करोड़ यात्री क्षमता तक विस्तारित करने की योजना है। दिल्ली के IGI हवाई अड्डे से लगभग 72 किमी दूर स्थित यह हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्ग कॉरिडोर की भीड़ कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

राजस्थान के लिए जेवर हवाई अड्डे का खुलना जयपुर और NCR से जुड़े औद्योगिक गलियारों की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है।