1–4 मार्च 2026 के आसपास, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मसूरी, उत्तराखंड में दो महत्वपूर्ण कृषि सुधारों की घोषणा की — नया बीज अधिनियम 2026 और संशोधित कीटनाशक अधिनियम 2026 — जिन्हें संसद के बजट सत्र में पेश किया जाएगा और ये 1966 के पुराने बीज अधिनियम की जगह लेंगे।

नए बीज अधिनियम 2026 में सभी बीज कंपनियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक बीज पैकेट पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन कर किसान बीज की पूरी उत्पत्ति जान सकेंगे — उत्पादन से लेकर डीलर और खुदरा विक्रेता तक। यह देशव्यापी व्यवस्था नकली और घटिया बीजों की समस्या से निपटने के लिए है। उल्लंघनों के लिए जुर्माना मौजूदा ₹500 से बढ़ाकर ₹30 लाख तक करने का प्रस्ताव है, और जानबूझकर किए गए अपराधों पर आपराधिक दंड का भी प्रावधान है। किसानों का अपने बीज बचाने, बोने और अन्य किसानों के साथ साझा करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

संशोधित कीटनाशक अधिनियम 1968 के कीटनाशक अधिनियम की जगह लेगा और गुणवत्ता नियंत्रण व दायित्व पर कड़े नियम लागू करेगा।