राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग ने 11–12 दिसंबर 2025 को जयपुर में राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025 आयोजित किया। यह कॉन्क्लेव ऐतिहासिक राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट (दिसंबर 2024) की अगली कड़ी था। मार्च 2025 में IMPACT 1.0 कार्यक्रम में राजस्थान सरकार ने घोषित किया कि ₹3.08 लाख करोड़ के MoU को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 2025 पार्टनरशिप कॉन्क्लेव में नई सरकार-व्यापार साझेदारियाँ बनाने, निवेशों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को दिखाने और उभरती प्रौद्योगिकियों पर संवाद को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया। बुनियादी ढाँचे, खनन, IT, डीप-टेक, कौशल विकास, BFSI, GCC, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण क्षेत्रों में साझेदारियाँ स्थापित की गईं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राजस्थान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, खनिज संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को निवेश आकर्षित करने वाले प्रमुख कारणों के रूप में रेखांकित किया।
राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025: राज्य ने ₹8.01 लाख करोड़ के निवेश की आधारशिला रखी; बुनियादी ढाँचे, IT, खनन और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश पर जोर
राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग ने राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन 11–12 दिसंबर 2025 को जयपुर में किया। यह कॉन्क्लेव ऐतिहासिक राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट (दिसंबर 2024) की अनुवर्ती कड़ी थी। मार्च 2025 में IMPACT 1.0 कार्यक्रम में राजस्थान सरकार ने घोषित किया कि ₹3.08 लाख करोड़ के MoU को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 2025 पार्टनरशिप कॉन्क्लेव में नई सरकार-व्यापार साझेदारियाँ बनाने, निवेशों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को दिखाने और उभरती प्रौद्योगिकियों पर संवाद को प्राथमिकता दी गई। बुनियादी ढाँचे, खनन, IT, डीप-टेक, कौशल विकास, BFSI, GCC, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण क्षेत्रों में साझेदारियाँ स्थापित की गईं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राजस्थान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, खनिज संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रमुख निवेश चालकों के रूप में रेखांकित किया।
मुख्य तथ्य
- राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन 11-12 दिसंबर 2025 को जयपुर में उद्योग विभाग द्वारा किया गया।
- 2024 इन्वेस्टमेंट समिट के बाद मार्च 2025 तक 3.08 लाख करोड़ के MoU का क्रियान्वयन शुरू हुआ।
- बुनियादी ढाँचे, खनन, IT, डीप-टेक, BFSI, GCC, स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश साझेदारियाँ हुईं।
- कॉन्क्लेव में सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सहित राजस्थान के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को सामने रखा गया।
- CM भजन लाल शर्मा ने राजस्थान की रणनीतिक स्थिति, खनिज संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पर बल दिया।
- कार्यक्रम का उद्देश्य नई सरकार-व्यापार साझेदारियाँ बनाना और नवाचार पर वैश्विक संवाद को आगे बढ़ाना था।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025 क्या था और कब आयोजित हुआ?
राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव 2025 ऐतिहासिक राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट (दिसंबर 2024) की अनुवर्ती कड़ी थी। इसे राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग ने 11–12 दिसंबर 2025 को जयपुर में आयोजित किया। इसका उद्देश्य MoU को वास्तविक निवेश में बदलना और सरकार तथा व्यापार जगत के बीच नई साझेदारियाँ बनाना था।
2025 पार्टनरशिप कॉन्क्लेव तक MoU ग्राउंडिंग कितनी हो चुकी थी?
मार्च 2025 में IMPACT 1.0 कार्यक्रम तक ₹3.08 लाख करोड़ के MoU की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी थी — यानी दिसंबर 2024 के निवेश समिट के बाद वास्तविक निवेश कार्य जमीनी स्तर पर शुरू हो गया था।
राइजिंग राजस्थान कॉन्क्लेव 2025 में किन क्षेत्रों की निवेश साझेदारियों का उल्लेख हुआ?
कॉन्क्लेव में बुनियादी ढाँचे, खनन, सूचना प्रौद्योगिकी, डीप-टेक, BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा), ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर (GCC), स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में निवेश साझेदारियाँ हुईं।
2025 कॉन्क्लेव में राजस्थान ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के कौन से सुधार दिखाए?
राजस्थान ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अपने बेहतर ढाँचे को सामने रखा। इसमें निवेश स्वीकृतियों के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, नीति सरलीकरण और घरेलू एवं विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने वाला सुव्यवस्थित नियामकीय वातावरण शामिल हैं।
कॉन्क्लेव में CM भजन लाल शर्मा ने राजस्थान की कौन सी रणनीतिक विशेषताएँ रेखांकित कीं?
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने निवेशकों के लिए राजस्थान की रणनीतिक स्थिति (पाकिस्तान और पाँच भारतीय राज्यों की सीमा), विशाल खनिज संपदा (दुर्लभ मृदाओं और चूना पत्थर सहित) और अपार नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता — विशेषकर सौर और पवन — को प्रमुख प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के रूप में रेखांकित किया।
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