मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने मार्च 2026 में 'औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026' लागू की। इसका उद्देश्य घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करना, विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित करना और राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।

नीति में तीन विकास मॉडल दिए गए हैं: पूर्णतः निजी, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), और RIICO (राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम) हाइब्रिड मॉडल। प्रमुख विशेषताओं में निजी औद्योगिक पार्क के लिए न्यूनतम 50 एकड़ भूमि और प्रति पार्क कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। योजना में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, IT सेवाएं, आतिथ्य, डेटा सेंटर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं। वित्तीय प्रोत्साहनों में ₹40 करोड़ तक पूंजी अनुदान, अपशिष्ट उपचार संयंत्रों के लिए 50% प्रतिपूर्ति (₹12.5 करोड़ की सीमा), नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग पर विद्युत शुल्क छूट और 'राज निवेश पोर्टल' से एकल खिड़की मंजूरी शामिल हैं।

यह नीति दिसंबर 2024 राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के ₹8 लाख करोड़ MoU से बनी गति को आगे बढ़ाती है। पांच राज्यों की सीमा से लगे राजस्थान की रणनीतिक स्थिति इसे लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की संभावना को रेखांकित करती है।