मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने 25 मार्च 2026 के आसपास औद्योगिक पार्क संवर्धन नीति-2026 लागू की। इसका उद्देश्य पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करना और रोजगार पैदा करना है। नीति के तहत औद्योगिक पार्क तीन तरीकों से विकसित किए जा सकते हैं: पूरी तरह निजी रूप से, भूमि साझा करने वाली हाइब्रिड व्यवस्था में और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत।

प्रमुख प्रावधानों में ये शामिल हैं: (क) निजी पार्कों के लिए कम से कम 50 एकड़ भूमि और 10 औद्योगिक इकाइयाँ अनिवार्य होंगी; (ख) साझा अपशिष्ट शोधन संयंत्र (CETP) की लागत की 50% प्रतिपूर्ति मिलेगी; (ग) नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर विद्युत शुल्क में छूट मिलेगी; (घ) स्टांप ड्यूटी और भूमि-रूपांतरण शुल्क में रियायत मिलेगी; और (ङ) 'राज निवेश पोर्टल' से एकल-खिड़की मंजूरी दी जाएगी। राज्य सरकार विकासकर्ताओं के साथ लागत साझा करके पानी, बिजली और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी।

यह नीति 'मेक इन इंडिया', 'आत्मनिर्भर भारत' और पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के अनुरूप है। यह राजस्थान की मौजूदा सेमीकंडक्टर नीति 2026 की पूरक है और राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन 2024 के परिणामों को आगे बढ़ाती है। इस सम्मेलन में राजस्थान को ₹35 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस नीति से राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) से जुड़े औद्योगिक ढाँचे को खास लाभ मिलने और राज्य के विभिन्न जिलों में वस्त्र, सीमेंट, रसायन तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की वृद्धि तेज़ होने की उम्मीद है।