केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 28 नवंबर 2025 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन (DGP/IGP सम्मेलन) का उद्घाटन किया। यह वार्षिक सम्मेलन वह सर्वोच्च स्तर का अवसर है, जहाँ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व केंद्रीय पुलिस संगठनों (CRPF, BSF, CISF, NSG, IB, CBI, NIA आदि) के साथ मिलकर भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करता है। 28 से 30 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद (LWE), जहाँ 2025 में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण अभियानों में सफलताएं मिली हैं, नशा तस्करी, साइबर अपराध, सीमा प्रबंधन और AI से स्मार्ट पुलिसिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया। रायपुर को स्थल के रूप में चुना जाना LWE-विरोधी अभियानों में छत्तीसगढ़ की केंद्रीयता को दर्शाता है।
गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में 60वें अखिल भारतीय DGP/IGP सम्मेलन का उद्घाटन किया: आंतरिक सुरक्षा पर ध्यान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 28 नवंबर 2025 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन (DGP/IGP सम्मेलन) का उद्घाटन किया। यह वार्षिक सम्मेलन वह उच्च-स्तरीय बैठक है जहाँ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व, केंद्रीय पुलिस संगठनों (CRPF, BSF, CISF, NSG, IB, CBI, NIA आदि) के साथ मिलकर भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं। 28 से 30 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद (LWE) — जहाँ 2025 में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में अभियानों में महत्वपूर्ण सफलताएँ मिली हैं, नशा तस्करी, साइबर अपराध, सीमा प्रबंधन और AI से स्मार्ट पुलिसिंग पर ध्यान केंद्रित किया गया। रायपुर को स्थल के रूप में चुना जाना LWE-विरोधी अभियानों में छत्तीसगढ़ की केंद्रीयता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- गृह मंत्री अमित शाह ने 28 नवंबर 2025 को रायपुर में 60वें DGP/IGP सम्मेलन का उद्घाटन किया।
- यह सम्मेलन आंतरिक सुरक्षा पर भारत के वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व की सबसे उच्च-स्तरीय बैठक है।
- प्रमुख विषयों में वामपंथी उग्रवाद, मादक पदार्थ तस्करी, साइबर अपराध और स्मार्ट पुलिसिंग शामिल थे।
- 2025 में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में माओवाद-विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण सफलताएँ मिलीं।
- माओवाद-विरोधी अभियानों में छत्तीसगढ़ की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए रायपुर को चुना गया।
- CRPF, BSF, NIA और IB सहित केंद्रीय पुलिस संगठनों ने विचार-विमर्श में भाग लिया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की आंतरिक सुरक्षा रणनीति में 60वें डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
28 नवंबर 2025 को रायपुर में सभी राज्यों तथा सीआरपीएफ, बीएसएफ, NIA और CBI सहित केंद्रीय संगठनों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बस्तर की सफलताओं के बाद वामपंथी उग्रवाद, नशीले पदार्थों से जुड़ा आतंकवाद, साइबर अपराध, सीमा प्रबंधन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पुलिसिंग पर चर्चा हुई। यह भारत का सर्वोच्च सुरक्षा समन्वय प्लेटफ़ॉर्म है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर, छत्तीसगढ़ में 60वें अखिल भारतीय DGP/IGP सम्मेलन का उद्घाटन किस वर्ष किया?
प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 28 नवंबर 2025 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में तीन-दिवसीय 60वें अखिल भारतीय DGP/IGP सम्मेलन का उद्घाटन किया। इसलिए सही वर्ष 2025 है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
DGP/IGP सम्मेलन क्या है और 60वाँ संस्करण कहाँ आयोजित हुआ?
पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों का अखिल भारतीय सम्मेलन (DGP/IGP सम्मेलन) भारत का सर्वोच्च वार्षिक सम्मेलन है, जहाँ सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस संगठनों का वरिष्ठ नेतृत्व आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करता है। 60वाँ संस्करण 28 नवंबर 2025 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उद्घाटित किया गया।
60वें DGP/IGP सम्मेलन के लिए रायपुर को स्थल के रूप में क्यों चुना गया?
रायपुर को माओवाद-विरोधी अभियानों में छत्तीसगढ़ की केंद्रीय भूमिका दिखाने के लिए चुना गया। 2025 में बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलताएँ मिलीं, इसलिए यह सम्मेलन के लिए प्रतीकात्मक और परिचालन, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण स्थान बन गया।
60वें DGP/IGP सम्मेलन में चर्चा के प्रमुख विषय क्या थे?
प्रमुख विषयों में वामपंथी उग्रवाद (LWE) — जहाँ 2025 में बस्तर में माओवाद-विरोधी अभियानों में बड़ी सफलताएँ मिलीं — नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी, तथा स्मार्ट पुलिसिंग तकनीकें शामिल थीं। CRPF, BSF, NIA, IB और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ राज्य पुलिस के समन्वय पर भी चर्चा हुई।
DGP/IGP सम्मेलन में कौन से केंद्रीय पुलिस संगठन भाग लेते हैं?
राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस नेतृत्व के साथ CRPF, BSF, CISF, NSG, खुफिया ब्यूरो (IB), CBI और NIA जैसे केंद्रीय पुलिस संगठन भाग लेते हैं। यह भारत में राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा समन्वय की व्यापक बैठक है।
वामपंथी उग्रवाद (LWE) क्या है और 60वें सम्मेलन में क्या प्रगति बताई गई?
वामपंथी उग्रवाद (LWE), जिसे नक्सलवाद या माओवाद भी कहते हैं, राज्य के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह है। 60वें सम्मेलन में 2025 में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में माओवादी उग्रवादियों के खिलाफ अभियानों की महत्वपूर्ण सफलताओं का उल्लेख किया गया, जिससे माओवाद-विरोधी अभियान में तेजी का संकेत मिलता है।
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