भारत और चीन ने भारत चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र WMCC की 35वीं बैठक 27 मई 2026 को बीजिंग में आयोजित की, जिसका आधिकारिक प्रेस वक्तव्य विदेश मंत्रालय द्वारा 28 मई 2026 को जारी किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव पूर्व एशिया सुजित घोष ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा और समुद्री मामले विभाग के महानिदेशक होउ यांकी ने किया। दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा LAC पर स्थिति की समीक्षा की और अक्टूबर 2024 के सैनिकों को पीछे हटाने के समझौते के बाद सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों के क्रमिक सामान्यीकरण की राह खुली है। वार्ता को रचनात्मक और भविष्य की दिशा पर केंद्रित बताया गया। चर्चा चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रही: सीमा का सीमांकन, सीमा प्रबंधन और विश्वास निर्माण उपाय, प्रारंभिक चेतावनी और संकट प्रतिक्रिया के लिए तंत्र निर्माण, तथा संपर्क, तीर्थयात्रा और लोगों के बीच आदान-प्रदान पर सीमा पार सहयोग। भारतीय पक्ष ने सीमा पार नदियों पर विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र की जल्द बैठक की आवश्यकता पर बल दिया, जो ब्रह्मपुत्र और सतलज सहित नदियों पर जल विज्ञान संबंधी डेटा साझा करने में सहयोग की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। दोनों देशों ने वरिष्ठतम सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता और संयुक्त कार्यकारी समूहों सहित मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्रों से नियमित आदान-प्रदान बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारत चीन सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि SR की अगली बैठक के लिए ठोस तैयारी की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करने पर भी सहमति व्यक्त की, जो चीन में आयोजित होने वाली है। यह परिणाम कज़ान मोदी शी समझ और गलवान से कैलाश मानसरोवर यात्रा सामान्यीकरण ट्रैक को सुदृढ़ करता है।