भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अप्रैल 2026 के अपने मौसमी पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, लू सामान्य से ज्यादा दिनों तक चलेगी और गर्म रातों की संख्या भी असामान्य रूप से अधिक होगी। पूर्वानुमान में तटीय ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश तथा गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से अधिक लू वाले दिनों की बात कही गई है। विशेष रूप से अप्रैल 2026 महीने के लिए IMD ने कहा है कि उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत के बड़े हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य के नीचे रहने की संभावना है, लेकिन गर्म रातें सामान्य से अधिक होंगी। इससे दिन की गर्मी के तनाव से उबरने की शरीर की क्षमता घट जाएगी। एजेंसी के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या अधिक हो और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री अधिक हो, तो उसे लू माना जाता है। यदि यह विचलन 6.4 डिग्री या अधिक हो, तो इसे गंभीर लू कहा जाता है। तेलंगाना तथा आसपास के क्षेत्रों की मौजूदा स्थितियां 22 अप्रैल तक बनी रहने की संभावना है। इस पूर्वानुमान के जन स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकते हैं, खासकर वृद्धों, बच्चों, बाहर काम करने वालों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए। बिजली मांग, जल संसाधन और कृषि पर भी इसका असर पड़ेगा। पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में प्रजनन अवस्था में बोरो चावल, मक्का, मूंग, उड़द, टमाटर, मिर्च और बैंगन की फसलें ऊष्मा तनाव के प्रति विशेष रूप से असुरक्षित हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य सरकारों से कूल रूफ्स तथा हीट हेल्थ एक्शन प्लान ढांचे के तहत हीट एक्शन प्लान सक्रिय करने को कहा गया है।