प्रकाशित: 27 मार्च 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
कैबिनेट ने भारत का संशोधित NDC 2031–2035 मंजूर किया: 2035 तक उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी और 60% गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता
25 मार्च 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने पेरिस समझौते के तहत UNFCCC को सूचित किए जाने वाले भारत के 2031–2035 के संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) को मंजूरी दी। यह 28 मार्च की करंट अफेयर्स चर्चा का प्रमुख विषय रहा।
संशोधित NDC में तीन मात्रात्मक लक्ष्य हैं: (1) 2005 के आधार वर्ष से 2035 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 47% की कमी — पहले का लक्ष्य 45% था। भारत 2005-2020 के बीच पहले ही 36% कमी हासिल कर चुका है। (2) 2035 तक कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 60% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से — फरवरी 2026 तक भारत पहले ही 52.57% तक पहुंच चुका है। (3) वन और वृक्ष आवरण से 3.5-4 अरब टन CO₂ समकक्ष का अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाना।
दीर्घकालिक लक्ष्य 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन है। नीति आयोग के दस कार्यकारी समूहों से परामर्श के बाद ये लक्ष्य तय किए गए।
राजस्थान की भूमिका: क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान, नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी है — सौर ऊर्जा में सर्वाधिक स्थापित क्षमता (22 GW से अधिक) के साथ। भारत के NDC लक्ष्यों की प्राप्ति राजस्थान के थार रेगिस्तान में सौर और पवन ऊर्जा विस्तार पर काफी निर्भर है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2031-2035 के लिए भारत के संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान की जांच कीजिए और भारत के जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में राजस्थान की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
25 मार्च 2026 को कैबिनेट ने भारत के संशोधित एनडीसी 2031–2035 को मंजूरी दी: 2005 आधार से 2035 तक उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी (पहले 45%), 60% गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता, और वनों से 3.5-4 अरब टन कार्बन सिंक। भारत क्रमशः 36% और 52.57% पर है; राजस्थान की 22+ गीगावाट सौर क्षमता मददगार है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारत के संशोधित एनडीसी के अनुसार 2035 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से स्थापित विद्युत क्षमता का लक्ष्य हिस्सा क्या है?
व्याख्या · सही उत्तर Cएनडीसी में 2035 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 60% संचयी स्थापित विद्युत क्षमता का लक्ष्य रखा गया है; भारत फरवरी 2026 तक पहले ही 52.57% तक पहुँच चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैबिनेट से मंजूर संशोधित NDC 2031–2035 के तहत भारत के प्रमुख लक्ष्य क्या हैं?
भारत के संशोधित NDC 2031–2035 के तहत 2005 के स्तर की तुलना में 2035 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी, स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 60% करना, और वनों से 3.5–4 अरब टन CO₂ समतुल्य कार्बन सिंक बनाने का लक्ष्य है।
भारत की कैबिनेट ने संशोधित NDC 2031–2035 को कब और किस अंतर्राष्ट्रीय ढाँचे के तहत मंजूरी दी?
भारत की कैबिनेट ने 26 मार्च 2026 को 2015 के UNFCCC पेरिस समझौते के ढाँचे के तहत संशोधित NDC 2031–2035 को मंजूरी दी। NDC भारत की स्वैच्छिक राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धता है।
2026 तक भारत ने अपने NDC लक्ष्यों में क्या प्रगति हासिल की है?
2026 तक भारत ने GDP की उत्सर्जन तीव्रता में लगभग 36% की कमी कर ली है और स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 52.57% तक पहुंच गई है — यह 2035 के लक्ष्यों की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रगति दिखाता है।
NDC का पूर्ण रूप क्या है और यह भारत के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
NDC का पूर्ण रूप राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान है — यह पेरिस समझौते (2015) के तहत भारत की स्वैच्छिक जलवायु प्रतिज्ञा है। यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन तीव्रता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की भारत की औपचारिक प्रतिबद्धता है।
संशोधित NDC के तहत भारत का कार्बन सिंक लक्ष्य क्या है और इसे कैसे प्राप्त किया जाएगा?
संशोधित NDC के तहत भारत का कार्बन सिंक लक्ष्य 2035 तक 3.5–4 अरब टन CO₂ समतुल्य है। इसे देश भर में वनों और वृक्ष आवरण के विस्तार से प्राप्त किया जाएगा।