सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) और Down To Earth पत्रिका ने मार्च 2026 के अंत में अनिल अग्रवाल संवाद में वार्षिक "भारत की पर्यावरण स्थिति 2026" (SoE 2026) रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट वायु गुणवत्ता, जल, वन, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, खाद्य प्रणालियों और शासन का आंकड़ों पर आधारित व्यापक आकलन करती है। प्रमुख निष्कर्ष ये हैं: 2025 में भारत के CO2 उत्सर्जन में केवल 0.7% की वृद्धि हुई — दो दशकों में सबसे धीमी — जिसका कारण नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा का विस्तार है। FY 2025-26 में भारत ने 40 GW से अधिक सौर क्षमता जोड़ी, जिससे कुल नवीकरणीय क्षमता 250 GW से अधिक हो गई। हालाँकि रिपोर्ट चुनौतियाँ भी बताती है: भारत की 75% से अधिक नदियाँ प्रदूषित हैं; इंडो-गैंगेटिक मैदान में वायु गुणवत्ता साल में 200 से अधिक दिन WHO मानकों का उल्लंघन करती है; राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भूजल ह्रास जारी है। रिपोर्ट में राजस्थान के बिगड़ते भूजल संकट को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है और जल जीवन मिशन, वर्षा जल संचयन और जोहड़-बावड़ियों की सफाई को तेज करने की सिफारिश की गई है।