केंद्रीय कैबिनेट ने 2031 से 2035 की अवधि के लिए भारत के संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC) को मंजूरी दी है। इसे जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) को भेजा जाएगा। भारत ने 2035 तक 2005 के स्तर की तुलना में GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 47 प्रतिशत कटौती का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

संशोधित NDC में गैर-जीवाश्म स्रोतों से स्थापित बिजली क्षमता का लक्ष्य 2035 तक 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह 2030 तक 50 प्रतिशत के पहले के लक्ष्य से अधिक है — जिसे भारत ने फरवरी 2026 तक गैर-जीवाश्म क्षमता 52.57 प्रतिशत तक पहुंचाकर निर्धारित समय से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया था।

इसके अतिरिक्त, वन और वृक्ष आवरण से कार्बन सिंक लक्ष्य को 2035 तक 3.5-4.0 अरब टन CO2 समकक्ष तक बढ़ा दिया गया है। भारत ने 2021 तक 2.29 अरब टन CO2 समकक्ष का कार्बन सिंक पहले ही बना लिया था।