भारत ने डेवलपरों की सीमित रुचि के कारण 2025 में दो निविदाएँ रद्द करने के बाद अपतटीय पवन नीलामी प्रक्रिया फिर शुरू करने की योजना बनाई है। नई वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना में 7,500 करोड़ रुपये VGF का प्रावधान है, जिससे गुजरात और तमिलनाडु के बीच बराबर बांटी गई 1 GW अपतटीय पवन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र फरवरी 2026 तक दो 500 MW परियोजनाओं के लिए बोलियाँ आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। तमिलनाडु के 1,076 किमी तट पर 35 GW से अधिक अपतटीय क्षमता है। भारत का 2030 तक 30-37 GW का दीर्घकालिक लक्ष्य है।