केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 19 अप्रैल 2026 को ओडिशा के खोरधा जिले में भुवनेश्वर के निकट इन्फो वैली में भारत की पहली उन्नत 3डी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधा की आधारशिला रखी। यह ग्रीनफील्ड, वर्टिकली इंटीग्रेटेड एडवांस्ड पैकेजिंग एवं एम्बेडेड ग्लास सब्सट्रेट ATMP (असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) संयंत्र हेटरोजीनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (HIPSPL) द्वारा स्थापित किया जा रहा है। HIPSPL, अमेरिका स्थित 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. (3DGS) की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है। परियोजना की कुल लागत 1,943.53 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत 799 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता और लगभग 399.5 करोड़ रुपये की ओडिशा राज्य सहायता शामिल है। यह सुविधा प्रतिवर्ष 70,000 उन्नत ग्लास पैनल, लगभग 5 करोड़ असेम्बल यूनिट और करीब 13,000 उन्नत 3D हेटरोजीनियस इंटीग्रेशन (3DHI) मॉड्यूल का उत्पादन करेगी। यह डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, 5G/6G संचार, ऑटोमोटिव रडार, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस अनुप्रयोगों और फोटोनिक्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करेगी। वाणिज्यिक उत्पादन अगस्त 2028 तक शुरू होने और अगस्त 2030 तक पूर्ण क्षमता पर पहुँचने का लक्ष्य है। इस परियोजना से लगभग 1,500 प्रत्यक्ष रोजगार और कुशल विनिर्माण में बहुत बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने समारोह में भाग लिया और कहा कि यह इकाई राज्य को अगली पीढ़ी की चिप पैकेजिंग का केंद्र बनाती है तथा गुजरात के धोलेरा और साणंद में चल रहे फैब्रिकेशन प्रयासों की पूरक है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 19 अप्रैल 2026 को भुवनेश्वर के इन्फो वैली में भारत की पहली उन्नत 3डी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई की आधारशिला रखी; 1,943.53 करोड़ रुपये की HIPSPL परियोजना AI, 5G/6G और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स की जरूरतें पूरी करेगी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 19 अप्रैल 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित इन्फो वैली में भारत की पहली उन्नत 3डी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधा की आधारशिला रखी। 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. की भारतीय अनुषंगी HIPSPL की 1,943.53 करोड़ रुपये की इस इकाई से प्रतिवर्ष 70,000 ग्लास पैनल और 13,000 3DHI मॉड्यूल बनेंगे, जो AI, 5G/6G, रक्षा और एयरोस्पेस की जरूरतें पूरी करेंगे; वाणिज्यिक उत्पादन अगस्त 2028 तक शुरू होगा।
मुख्य तथ्य
- 19 अप्रैल 2026 को ओडिशा के खोरधा जिले में भुवनेश्वर के निकट इन्फो वैली में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आधारशिला रखी।
- परियोजना को हेटरोजीनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (HIPSPL) क्रियान्वित कर रहा है, जो अमेरिका की 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. (3DGS) की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय अनुषंगी है।
- कुल लागत 1,943.53 करोड़ रुपये, जिसमें भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 799 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता और लगभग 399.5 करोड़ रुपये की ओडिशा राज्य सहायता शामिल है।
- वार्षिक क्षमता: 70,000 उन्नत ग्लास पैनल, लगभग 5 करोड़ असेम्बल यूनिट, लगभग 13,000 उन्नत 3D हेटरोजीनियस इंटीग्रेशन (3DHI) मॉड्यूल।
- लक्ष्य क्षेत्र: डेटा सेंटर, AI/ML, 5G/6G संचार, ऑटोमोटिव रडार, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और फोटोनिक्स।
- वाणिज्यिक उत्पादन का लक्ष्य अगस्त 2028 और पूर्ण उत्पादन अगस्त 2030 तक; लगभग 1,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की उम्मीद।
- यह गुजरात के धोलेरा और साणंद में चल रहे फैब प्रयासों का पूरक है तथा भारत के सेमीकंडक्टर स्टैक को उन्नत पैकेजिंग तक विस्तारित करता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
19 अप्रैल 2026 को भारत की जिस पहली उन्नत 3डी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई की आधारशिला रखी गई, उसके संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. यह संयंत्र ओडिशा के खोरधा जिले के इन्फो वैली में अमेरिका स्थित 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी द्वारा स्थापित किया जा रहा है।\n2. परियोजना की कुल लागत 1,943.53 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 799 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता शामिल है।\n3. वाणिज्यिक उत्पादन अगस्त 2030 तक शुरू करने और अगस्त 2035 तक पूर्ण उत्पादन तक पहुंचने का लक्ष्य है।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। ओडिशा के खोरधा जिले की इन्फो वैली में यह संयंत्र एचआईपीएसपीएल ने स्थापित किया है। यह अमेरिका स्थित 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. की भारतीय अनुषंगी है। परियोजना की कुल लागत ₹1,943.53 करोड़ है, जिसमें भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत ₹799 करोड़ की केंद्रीय सहायता शामिल है। कथन 3 गलत है, क्योंकि वाणिज्यिक उत्पादन का लक्ष्य अगस्त 2028 है, 2030 नहीं। पूर्ण पैमाने पर उत्पादन अगस्त 2030 तक लक्षित है, 2035 तक नहीं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की पहली उन्नत 3डी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई कहाँ स्थापित हो रही है?
ओडिशा के खोरधा जिले में भुवनेश्वर के निकट इन्फो वैली में; 19 अप्रैल 2026 को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आधारशिला रखी।
परियोजना कौन सी कंपनी क्रियान्वित कर रही है और कुल निवेश कितना है?
अमेरिका की 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक. की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय अनुषंगी HIPSPL 1,943.53 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्रियान्वित कर रही है।
केंद्र ने कितनी वित्तीय सहायता मंज़ूर की है?
भारत सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत 799 करोड़ रुपये, साथ ही ओडिशा राज्य की लगभग 399.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता।
इकाई हर वर्ष क्या उत्पादन करेगी और किन क्षेत्रों के लिए?
प्रतिवर्ष 70,000 ग्लास पैनल, लगभग 5 करोड़ असेम्बल यूनिट और करीब 13,000 3DHI मॉड्यूल; ये AI, 5G/6G, ऑटोमोटिव रडार, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और फोटोनिक्स के लिए होंगे।
वाणिज्यिक उत्पादन कब शुरू होगा?
लक्ष्य है कि अगस्त 2028 तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाए और अगस्त 2030 तक पूर्ण क्षमता हासिल कर ली जाए।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें