विद्युत मंत्रालय ने 29 अप्रैल 2026 को बताया कि NTPC लिमिटेड और महाराष्ट्र सरकार ने पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के विकास के लिए अपने समझौता ज्ञापन में परिशिष्ट पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय की विज्ञप्ति में इस कदम को भारत में स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित मूल समझौता ज्ञापन में अंबा और कुंभे नाम की दो पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं शामिल थीं, जिनकी संयुक्त क्षमता 1800 मेगावॉट थी।
विस्तृत जांच, क्षमता और डिजाइन से जुड़े अध्ययनों तथा तकनीकी आकलनों के बाद परियोजनाओं की क्षमताओं और स्थानों में संशोधन किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि समीक्षा में स्थलाकृति, जलाशय क्षमता और परियोजना व्यवहार्यता पर विचार किया गया। परिशिष्ट के अंतर्गत अंबा परियोजना की क्षमता 800 मेगावॉट से बढ़ाकर 1500 मेगावॉट की गई है। कुंभे परियोजना की क्षमता 1000 मेगावॉट से संशोधित कर 1100 मेगावॉट की गई है। इन बदलावों से नियोजित उत्पादन क्षमता 1800 मेगावॉट से बढ़कर 2600 मेगावॉट हो जाती है। संशोधनों का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुधारना है।
परिशिष्ट के जरिए संशोधित परियोजना मानकों को मूल समझौता ज्ञापन में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है, जबकि अन्य सभी नियम और शर्तें अपरिवर्तित हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जल संसाधन, चिकित्सा शिक्षा और आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन तथा राज्य सरकार और NTPC के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस सहयोग को स्वच्छ ऊर्जा पहलों को तेज करने और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत किया गया।
