प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 मई 2026 को अपनी पाँच देशों की यात्रा के चौथे चरण में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुँचे। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने गार्डरमोएन हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की, जिसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया गया। यात्रा के दौरान मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस प्रदान किया गया, जो उनका 32वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान बन गया। उसी दिन हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके मुख्य क्षेत्रों में व्यापार और निवेश, हरित प्रौद्योगिकी, नीली अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री प्रौद्योगिकी, सतत जहाजरानी, आपूर्ति शृंखला और रक्षा संबंधी नवाचार शामिल हैं। नॉर्वे यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) का हिस्सा है, जिसने भारत के साथ व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) किया था। इसके अंतर्गत EFTA ने 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है। मोदी 19 मई 2026 को ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता एक साथ आएँगे। यह यात्रा संसाधन-समृद्ध नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करती है तथा ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई और उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग बढ़ाते हुए यूरोप में भारत की व्यापक रणनीतिक पहुँच को आगे बढ़ाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 मई 2026 को ओस्लो पहुँचे; भारत और नॉर्वे ने द्विपक्षीय संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया और मोदी को रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस प्रदान किया गया
18 मई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ओस्लो पहुँचे, जो 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा है; उन्हें रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस (उनका 32वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान) प्रदान किया गया और भारत-नॉर्वे ने 19 मई के तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई।
मुख्य तथ्य
- 18 मई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी पाँच देशों की यात्रा के चौथे चरण में ओस्लो पहुँचे; 43 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा है
- उन्हें नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस प्रदान किया गया, जो उनका 32वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है
- भारत और नॉर्वे ने द्विपक्षीय संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई
- मुख्य क्षेत्रों में हरित प्रौद्योगिकी, नीली अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल हैं
- नॉर्वे EFTA का हिस्सा है, जिसने भारत के साथ TEPA पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य है
- तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई 2026 को ओस्लो में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के साथ निर्धारित है
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18 मई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा थी। 2. भारत और नॉर्वे ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने पर सहमति जताई। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की 18 मई 2026 की यात्रा 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा थी। दोनों देशों ने संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें हरित प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, महत्त्वपूर्ण खनिज और अर्धचालक शामिल हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री मोदी ओस्लो कब पहुँचे और यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण थी?
प्रधानमंत्री मोदी 18 मई 2026 को अपनी पाँच देशों की यात्रा के चौथे चरण में ओस्लो पहुँचे। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा थी।
नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी को कौन सा सम्मान प्रदान किया गया?
उन्हें नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस प्रदान किया गया, जो उनका 32वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को किस साझेदारी तक उन्नत करने पर सहमति जताई?
भारत और नॉर्वे ने द्विपक्षीय संबंधों को हरित रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने पर सहमति जताई, जिसमें हरित प्रौद्योगिकी, नीली अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल हैं।
नॉर्वे EFTA के ज़रिए भारत से कैसे जुड़ा है?
नॉर्वे यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) का सदस्य है। इसी संघ ने भारत के साथ व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) किया है, जिसमें 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन कब है और इसमें कौन भाग लेगा?
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई 2026 को ओस्लो में होना निर्धारित है, जिसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे।
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