G20 नेताओं का 20वाँ शिखर सम्मेलन 22–23 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग एक्सपो सेंटर में आयोजित हुआ। अफ्रीकी महाद्वीप पर आयोजित यह पहला G20 शिखर सम्मेलन था। दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन का विषय 'एकजुटता, समानता, सतत विकास' था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 12वें G20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उद्घाटन के दिन, 22 नवंबर को उन्होंने छह वैश्विक विकास पहलें प्रस्तावित कीं: (1) वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार, (2) अफ्रीका कौशल विस्तार कार्यक्रम, (3) वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया दल, (4) मादक पदार्थों और आतंकवाद के गठजोड़ से निपटने की पहल, (5) मुक्त उपग्रह डेटा साझेदारी और (6) महत्वपूर्ण खनिजों के चक्रीय उपयोग की पहल। सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यकारी बोर्ड में उप-सहारा अफ्रीका के लिए 25वीं सीट मंजूर की और 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकियों तक बिजली पहुँचाने के लिए मिशन 300 शुरू किया। सम्मेलन में महत्वपूर्ण खनिज रूपरेखा अपनाई गई, पेरिस समझौते और 1.5°C लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई तथा अफ्रीका के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पहल शुरू की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ब्राज़ील-दक्षिण अफ्रीका (IBSA) के नेताओं की बैठक में भी भाग लिया। उन्होंने एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) सहित डिजिटल सार्वजनिक ढाँचा साझा करने के लिए IBSA डिजिटल नवाचार गठबंधन और जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए IBSA कोष बनाने का प्रस्ताव रखा। सम्मेलन से इतर उन्होंने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात की।