अटल नवाचार मिशन (एआईएम), नीति आयोग और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स ने दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज की स्थापना की है। इस सहयोग को औपचारिक रूप देने वाले आशय-पत्र (एलओआई) का फ्रांस में अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग के निदेशक दीपक बागला और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स की प्रबंध निदेशक मैरी-पियरे ओलास के बीच आदान-प्रदान किया गया। यह पहल फ्रांस के नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' के अवसर पर शुरू की गई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया।

भारत के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) मॉडल से प्रेरित यह पहल फ्रांस में पहली स्कूल नवाचार प्रयोगशाला की स्थापना करती है तथा युवा विद्यार्थियों को सहयोग करने एवं द्विपक्षीय नवाचार सहयोग को गहरा करने के लिए एक संरचित मंच उपलब्ध कराती है। यह एटीएल ब्रिज दोनों देशों के नवाचार इकोसिस्टम के बीच सीमापार नवाचार कार्यक्रमों, उद्यमिता आदान-प्रदान तथा ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और संयुक्त नवाचार गतिविधियों के माध्यम से गहन सहयोग के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करेगा।

यह पहल भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के दौरान शुरू की गई है तथा 'वसुधैव कुटुम्बकम्' अर्थात 'पूरा विश्व एक परिवार है' के दर्शन पर आधारित है। एआईएम की शुरुआत वर्ष 2016 में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में योगदान देने हेतु की गई थी। वर्ष 2016 से अब तक भारत में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 1.1 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, 3डी डिज़ाइन एवं प्रिंटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ने का अवसर मिला है।