मुख्य तथ्य

  • WTO (विश्व व्यापार संगठन): 1 जनवरी 1995 को स्थापित (GATT 1947 का उत्तराधिकारी), मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड। 166 सदस्य देश (2024;
  • WTO व्यापार मात्रा: WTO के तहत होने वाला व्यापार लगभग $330 खरब (2023
  • विश्व बैंक समूह: विश्व बैंक 5 संस्थाओं का समूह है: IBRD, IDA, IFC, MIGA, ICSID। मुख्यालय वाशिंगटन D.C.।
  • IMF — विशेष आहरण अधिकार (SDR): IMF की आरक्षित संपत्ति। SDR टोकरी: USD (43.38%), EUR (29.31%), RMB (12.28%), JPY (7.59%), GBP (7.44%)।
  • IMF की COVID-19 प्रतिक्रिया: 2020-21 में 94 देशों को $290 अरब आपातकालीन वित्त पोषण। अगस्त 2021 में SDR 456.5 अरब ($650 अरब) — सबसे बड़ा SDR आवंटन

मुख्य बिंदु

  1. 1

    WTO (विश्व व्यापार संगठन): 1 जनवरी 1995 को स्थापित (GATT 1947 का उत्तराधिकारी), मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड166 सदस्य देश (2024; नवीनतम: कोमोरोस और तिमोर-लेस्ते, 2024)। भारत संस्थापक सदस्य। 16 बहुपक्षीय व्यापार समझौतों का प्रशासन।

  2. 2

    WTO व्यापार मात्रा: WTO के तहत होने वाला व्यापार लगभग $330 खरब (2023 — वस्तु + सेवा)। वैश्विक वस्तु निर्यात: $238 खरब (2023)। भारत का वस्तु निर्यात: $778 अरब (FY2023-24)।

  3. 3

    विश्व बैंक समूह: विश्व बैंक 5 संस्थाओं का समूह है: IBRD, IDA, IFC, MIGA, ICSID। मुख्यालय वाशिंगटन D.C.

  4. 4

    IMF — विशेष आहरण अधिकार (SDR): IMF की आरक्षित संपत्ति। SDR टोकरी: USD (43.38%), EUR (29.31%), RMB (12.28%), JPY (7.59%), GBP (7.44%)। भारत का IMF कोटा: SDR 1,311.44 करोड़ (कुल का 2.75%, 13वाँ सबसे बड़ा)।

  5. 5

    IMF की COVID-19 प्रतिक्रिया: 2020-21 में 94 देशों को $290 अरब आपातकालीन वित्त पोषण। अगस्त 2021 में SDR 456.5 अरब ($650 अरब) — सबसे बड़ा SDR आवंटन — सभी सदस्यों को IMF कोटा अनुपात में। भारत को SDR 12.57 अरब ($17.86 अरब)

  6. 6

    IBRD बनाम IDA: IBRD मध्य-आय देशों को बाज़ार दरों के करीब (4-5%) ऋण देता है। IDA विश्व के 74 सबसे गरीब देशों को रियायती शर्तों (लगभग शून्य ब्याज, 5-10 वर्ष अनुग्रह, 25-40 वर्ष परिपक्वता) पर ऋण देता है। भारत 2014 में IDA से स्नातक (अब IBRD से ऋण)।

  7. 7

    WTO विवाद निपटान: विवाद निपटान निकाय (DSB) व्यापार विवादों का निर्णय करता है। अपीलीय निकाय (AB) — 2023 में सभी 7 सीटें रिक्त — US ने 2019 से नई नियुक्तियाँ अवरुद्ध की। "AB संकट।" भारत 40+ WTO विवादों में पक्षकार।

  8. 8

    विश्व बैंक की वर्तमान प्राथमिकताएँ: 2023 के इवोल्यूशन रोडमैप में राष्ट्रीय सीमाओं से परे — जलवायु परिवर्तन, महामारी, संघर्ष — चुनौतियों को शामिल करने के लिए मिशन पुनर्परिभाषित। IDA 20 पुनःपूर्ति (2022): $93 अरब — सबसे बड़ी।

  9. 9

    IMF अनुच्छेद IV परामर्श: IMF प्रत्येक सदस्य देश के साथ वार्षिक "अनुच्छेद IV परामर्श" — आर्थिक स्वास्थ्य जाँच। विश्व आर्थिक आउटलुक (WEO) द्विवार्षिक। अप्रैल 2025 WEO: 2025 में वैश्विक वृद्धि 2.8% (अमेरिकी टैरिफ अनिश्चितता से कम); भारत 6.2% प्रक्षेपित।

  10. 10

    दोहा विकास एजेंडा (DDA): नवंबर 2001, दोहा कतर में शुरू WTO बहुपक्षीय वार्ता दौर। 2008 से ठप। भारत ने 2014 में बाली TFA को ब्लॉक किया — खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्टॉकहोल्डिंग का स्थायी समाधान माँगा। TFA 2017 में अनुसमर्थित (भारत को "शांति खंड" सुरक्षा मिली)।

  11. 11

    नया विकास बैंक (NDB) — BRICS बैंक: BRICS द्वारा 2014 में स्थापित, 2016 से परिचालन; मुख्यालय शंघाई। BRICS और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए बुनियादी ढाँचा वित्त। भारत का NDB ऋण पोर्टफोलियो: $13+ अरब (2024)।

  12. 12

    भारत और ब्रेटन वुड्स संस्थाएँ: भारत IMF और विश्व बैंक का संस्थापक सदस्य (1945)। IMF कोटा: 2.75% — 13वाँ सबसे बड़ा। IBRD मतदान: ~4.4% — 7वाँ। AIIB में भारत 8.52% — तीसरा सबसे बड़ा।

ब्रेटन वुड्स व्यवस्था क्या थी और आज उस पर दबाव क्यों है?

ब्रेटन वुड्स व्यवस्था वह युद्धोत्तर वैश्विक आर्थिक ढाँचा था जिसने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और नियम-आधारित व्यापार व्यवस्था की नींव रखी, लेकिन आज वही ढाँचा शक्ति-संतुलन, व्यापार विवाद, जलवायु वित्त और ऋण संकट के दबाव में है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के इतिहास-विवरण के अनुसार जुलाई १९४४ के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में ४४ देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

समकालीन वैश्विक आर्थिक ढाँचा तीन स्तंभों पर टिका है जिनकी स्थापना न्यू हैम्पशायर, अमेरिका में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन, जुलाई १९४४ में हुई थी: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक जो मूलतः आईबीआरडी था, और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन की कल्पना, जो आगे चलकर गैट और फिर विश्व व्यापार संगठन बनी। इन संस्थाओं को मिलकर महामंदी की आर्थिक अव्यवस्था और १९३० के दशक के व्यापार युद्धों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बनाया गया था।

ब्रेटन वुड्स प्रणाली, १९४४-१९७१:

  • सभी मुद्राएँ अमेरिकी डॉलर से जुड़ी, यानी स्थिर-विनिमय व्यवस्था से बंधी थीं; अमेरिकी डॉलर स्वयं ३५ अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर सोने से जुड़ा था।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष अल्पकालिक भुगतान-संतुलन सहायता प्रदान करता था।
  • विश्व बैंक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के पुनर्निर्माण और बाद में विकास परियोजनाओं का वित्तपोषण करता था।
  • जब अमेरिका ने अगस्त १९७१ में डॉलर-सोना परिवर्तनीयता निलंबित कर दी, जिसे निक्सन शॉक कहा जाता है, तो स्थिर विनिमय दर प्रणाली ध्वस्त हो गई और आज की प्रबंधित तैरती विनिमय दर व्यवस्था अस्तित्व में आई।

ब्रेटन वुड्स के बाद की चुनौतियाँ:
वर्तमान प्रणाली इन दबावों का सामना कर रही है: (क) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक शासन में अमेरिकी वर्चस्व बनाम चीन और अन्य उभरती शक्तियों का उदय; (ख) विश्व व्यापार संगठन के अपीलीय निकाय का संकट, जो विवाद निपटान को लकवाग्रस्त कर रहा है; (ग) चीन की समानांतर संस्थाएँ, जैसे एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक, नया विकास बैंक और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव; (घ) जलवायु वित्त की कमी; (ङ) विकासशील देशों में ऋण संकट।

आरएएस २०२६ के लिए इस विषय का महत्त्व: विषय ३० वर्ष २०२१ में विश्व बैंक जलवायु कार्य योजना और २०१३ में विश्व व्यापार संगठन व्यापार प्रश्न के रूप में आया था। २०२६ के लिए ताज़ा सामग्री में विश्व व्यापार संगठन का अपीलीय निकाय संकट, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का ६५० अरब अमेरिकी डॉलर विशेष आहरण अधिकार आवंटन २०२१, विश्व बैंक का इवोल्यूशन रोडमैप २०२३, आईडीए-२० वार्ताओं में भारत की भूमिका और जी-२० सामान्य ढाँचे के अंतर्गत वैश्विक ऋण पुनर्गठन शामिल हैं; भारत ने २०२३ में जी-२० अध्यक्षता सँभाली थी।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M SDR क्या है? IMF द्वारा 2021 में किए गए SDR आवंटन की व्याख्या करें। 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

SDR (विशेष आहरण अधिकार) IMF द्वारा 1969 में सृजित अंतर्राष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति — स्वयं मुद्रा नहीं, IMF सदस्यों की मुद्राओं पर दावा। SDR टोकरी: USD (43.38%), EUR (29.31%), RMB (12.28%), JPY (7.59%), GBP (7.44%)। अगस्त 2021 में IMF ने SDR 456.5 अरब ($650 अरब) — इतिहास का सबसे बड़ा SDR आवंटन — सभी 190 सदस्यों को IMF कोटा अनुपात में। भारत को SDR 12.57 अरब (~$17.86 अरब) मिले।

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