ओडिशा के डीप-टेक स्टार्टअप कोराटिया टेक्नोलॉजीज ने भारतीय नौसेना के साथ ₹66 करोड़ का अनुबंध किया। इसके तहत कंपनी पानी के भीतर दूर से संचालित स्वदेशी वाहनों (UWROV) की आपूर्ति और रखरखाव करेगी। भारतीय नौसेना में भारत में बने इन वाहनों की पहली बार बड़े पैमाने पर तैनाती होगी। यह रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा।

कंपनी के प्रमुख UWROV जलसिम्हा ने नासा के मिशन ढाँचे पर आधारित प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर-9 हासिल किया। इसने 1,485 फीट से अधिक गहराई पर परीक्षण पूरे किए। इसकी संचालन क्षमता 12 घंटे से अधिक और अधिकतम गति 3 नॉट है। देवेंद्र प्रधान और बिस्वजीत स्वैन ने कोराटिया टेक्नोलॉजीज की स्थापना की थी। कंपनी को एनआईटी राउरकेला के प्रौद्योगिकी एवं व्यवसाय इनक्यूबेशन फाउंडेशन (FTBI) में इनक्यूबेट किया गया। इसने जुलाई 2025 में एमजीएफ कवच के नेतृत्व वाले प्री-सीरीज़ ए दौर में ₹17.4 करोड़ जुटाए।