ISRO ने मार्च 2026 में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। पहली, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन — भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) — के विकास की योजना को औपचारिक रूप दिया। BAS-01 मॉड्यूल — पहला घटक — के लिए 2025 से 2028 तक चार वर्ष की विकास अवधि रखी गई है और इसका बजट लगभग ₹1,763 करोड़ है। यह गगनयान मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के अल्पकालिक कक्षीय प्रवास से स्थायी मानव उपस्थिति की ओर रणनीतिक छलाँग है। BAS सूक्ष्मगुरुत्व अनुसंधान, पदार्थ विज्ञान प्रयोगों, पृथ्वी अवलोकन और अंतरिक्ष चिकित्सा के लिए प्लेटफ़ॉर्म होगा। दूसरी, 27 मार्च 2026 को अहमदाबाद के SAC ने NISAR (NASA-ISRO सिंथेटिक एपर्चर राडार) विज्ञान और उपयोग कार्यक्रम पर प्रक्षेपण के बाद की पहली उपयोगकर्ता बैठक आयोजित की। NISAR — NASA और ISRO का संयुक्त पृथ्वी अवलोकन उपग्रह — 30 जुलाई 2025 को लॉन्च हुआ और आपदा प्रबंधन, हिमनद निगरानी, वन आवरण मूल्यांकन, शहरी अवसादन और कृषि फसल मानचित्रण के लिए उच्च-रिजोल्यूशन SAR डेटा प्रदान करता है।