प्रकाशित: 30 मार्च 2026ISRO / Department of Spaceविज्ञान-प्रौद्योगिकी
ISRO ने CE20 क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का सफल 165-सेकंड पूर्ण-शक्ति परीक्षण किया
Aसीधा उत्तर
ISRO ने 10 मार्च 2026 को महेंद्रगिरि में CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 165 सेकंड तक पूर्ण शक्ति पर सफल परीक्षण किया, जो गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
मुख्य तथ्य
ISRO ने 10 मार्च 2026 को CE20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र तल पर 165 सेकंड का हॉट परीक्षण किया
परीक्षण ISRO प्रणोदन परिसर, महेंद्रगिरि, तमिलनाडु में हुआ
CE20 LVM3 रॉकेट का क्रायोजेनिक अपर स्टेज इंजन है
गगनयान में 3 सदस्यीय दल को 400 किमी की कक्षा में 3 दिवसीय मिशन पर भेजा जाएगा
भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद अपने दम पर मानव को अंतरिक्ष में भेजने वाला चौथा देश बनेगा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 10 मार्च 2026 को तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित ISRO प्रणोदन परिसर में अपने शक्तिशाली CE20 क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का 165 सेकंड का पूर्ण-शक्ति परीक्षण सफलतापूर्वक किया।
पृष्ठभूमि
CE20 इंजन भारत का सबसे शक्तिशाली क्रायोजेनिक ऊपरी चरण इंजन है, जिसे LVM3 रॉकेट के लिए तैयार किया गया है
यह गगनयान मिशन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है
परीक्षण विवरण
अवधि: 165 सेकंड — वास्तविक उड़ान जैसी स्थितियों में परीक्षण
स्थान: ISRO प्रणोदन परिसर, महेंद्रगिरि, तमिलनाडु
इंजन ने पूरे परीक्षण के दौरान पूरी शक्ति हासिल की
महत्व
गगनयान के लिए CE20 इंजन की तैयारी की पुष्टि
भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद स्वतंत्र रूप से अंतरिक्ष में मनुष्य भेजने वाला चौथा देश बनेगा
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2024 रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण के रणनीतिक और तकनीकी महत्त्व का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए, विशेष रूप से भारत की मिसाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: इसरो के सीई20 क्रायोजेनिक इंजन के सफल 165 सेकंड पूर्ण-शक्ति परीक्षण का भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द): 10 मार्च 2026 को इसरो ने महेंद्रगिरि, तमिलनाडु में सीई20 क्रायोजेनिक इंजन का 165 सेकंड पूर्ण-शक्ति परीक्षण सफलतापूर्वक किया। एलवीएम3 के ऊपरी चरण को शक्ति देने वाला यह परीक्षण गगनयान के लिए विश्वसनीयता प्रमाणित करता है, स्वदेशी क्रायोजेनिक क्षमता को आगे बढ़ाता है, और मानव-सहित उड़ान की तैयारी की समयसीमा को मजबूत आधार देता है।
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इसरो ने 10 मार्च 2026 को CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 165-सेकंड का पूर्ण-शक्ति परीक्षण सफलतापूर्वक कहाँ किया?
व्याख्या · सही उत्तर B
इसरो ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 22 टन थ्रस्ट स्तर पर 165-सेकंड का समुद्र-स्तर हॉट टेस्ट इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरि में किया। महेंद्रगिरि तमिलनाडु में है, इसलिए विकल्प B सही है।
मार्च 2026 में इसरो का CE20 क्रायोजेनिक इंजन परीक्षण क्या था?
**इसरो** ने **10 मार्च 2026** को **महेंद्रगिरि, तमिलनाडु** स्थित **इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC)** में **CE20 क्रायोजेनिक इंजन** का **165 सेकंड का पूर्ण-शक्ति हॉट परीक्षण** सफलतापूर्वक किया। यह परीक्षण आगामी **गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन** के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।
CE20 क्रायोजेनिक इंजन किस रॉकेट को शक्ति प्रदान करता है?
**CE20 क्रायोजेनिक इंजन** **LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क-3)** रॉकेट के **C32 अपर स्टेज** को शक्ति प्रदान करता है, जिसे पहले GSLV Mk III के नाम से जाना जाता था। यह क्रायोजेनिक अपर स्टेज भारत के **गगनयान मिशन** के तीन अंतरिक्षयात्रियों को **400 किमी कक्षा** में तीन दिन के लिए ले जाएगा।
गगनयान मिशन क्या है और इसकी लक्षित कक्षा क्या है?
**गगनयान** भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है जिसका लक्ष्य **3 सदस्यीय दल** को **400 किमी की निचली पृथ्वी कक्षा** में **3 दिन** के लिए भेजना है। इसके सफल होने पर भारत **रूस, अमेरिका और चीन** के बाद स्वतंत्र रूप से मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने वाला **विश्व का चौथा देश** बन जाएगा।
इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स IPRC कहां स्थित है और इसकी क्या भूमिका है?
**इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC)** **महेंद्रगिरि, तमिलनाडु** में स्थित है। यह इसरो की **रॉकेट इंजन और प्रोपल्शन सिस्टम परीक्षण एवं योग्यता** की प्राथमिक सुविधा है। **13 मार्च 2026** को यहां किया गया **165 सेकंड** का CE20 इंजन परीक्षण गगनयान कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।
भारत के गगनयान से पहले कौन से देशों ने स्वतंत्र रूप से मानव अंतरिक्ष उड़ान हासिल की है?
अब तक केवल **तीन देशों** — **रूस (सोवियत संघ), अमेरिका और चीन** — ने स्वतंत्र रूप से मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजा है। भारत का **गगनयान मिशन** सफल होने पर भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला **विश्व का चौथा देश** बन जाएगा। मार्च 2026 में CE20 इंजन का सफल परीक्षण इस दिशा में एक प्रमुख कदम है।
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