प्रकाशित: 25 मार्च 2026समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
ISRO स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप विकसित कर रहा है: अंतरिक्ष मिशनों के लिए विक्रम 32-बिट प्रोसेसर
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारत में स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप बनाने की चार-वर्षीय महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। यह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चंडीगढ़ में ISRO की सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL) ने विक्रम 32-बिट प्रोसेसर नामक चिप विकसित की है, जिसे विशेष रूप से अंतरिक्ष की कठिन परिस्थितियों को सहने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विक्रम प्रोसेसर अत्यधिक विकिरण, तापमान में बदलाव और अंतरिक्ष वातावरण की अन्य चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। स्वदेशी चिप विकास अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण है।
ISRO ने व्यवस्थित कार्यक्रमों के जरिए अंतरिक्ष मिशनों में छात्रों की भागीदारी भी बढ़ाई है। IN-SPACe ने 17 छात्र उपग्रहों और पेलोड को अधिकृत किया है, जिनमें से 11 को पहले ही सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया जा चुका है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ISRO का लक्ष्य भारत के युवाओं के लिए अंतरिक्ष को सुलभ बनाना है।
ISRO अध्यक्ष वी. नारायणन ने पुष्टि की कि एजेंसी ने अपने आगामी मिशनों के लिए 97 प्रतिशत सफलता दर के साथ 8,000 से अधिक जमीनी परीक्षण पूरे कर लिए हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: इसरो के विक्रम 32-बिट प्रोसेसर एवं स्वदेशी सेमीकंडक्टर योजना के सामरिक महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
इसरो की चंडीगढ़ प्रयोगशाला ने विकिरण-सहनशील विक्रम 32-बिट प्रोसेसर चार-वर्षीय स्वदेशी सेमीकंडक्टर योजना के अंतर्गत विकसित किया। इन-स्पेस ने 17 छात्र उपग्रहों को मंजूरी दी; 11 प्रक्षेपित हुए। अध्यक्ष वी नारायणन ने 8,000 से अधिक भू-परीक्षणों में 97 प्रतिशत सफलता की पुष्टि की। स्वदेशी चिप आपूर्ति-शृंखला और सुरक्षा जोखिम घटाकर सामरिक अंतरिक्ष स्वायत्तता बढ़ाती हैं।
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लेख में बताए अनुसार, इन-स्पेस ने कितने छात्र उपग्रहों और पेलोड को मंजूरी दी है?
व्याख्या · सही उत्तर Aभारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) ने 17 छात्र उपग्रहों एवं पेलोड को प्राधिकृत किया है, जिनमें से 11 पहले ही प्रक्षेपित किए जा चुके हैं।