भारतीय तटरक्षक के चौदह फास्ट पैट्रोल वेसल परियोजना यार्ड 16501 से 16514 के तहत फास्ट पैट्रोल वेसल-4 (एफपीवी-4) यार्ड 16504 का कील बिछाने का समारोह और एफपीवी-7 यार्ड 16507 की प्लेट कटिंग का समारोह 6 अप्रैल 2026 को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में आयोजित हुआ। वॉटर जेट से चलने वाले ये फास्ट पैट्रोल वेसल लगभग 340 टन के विस्थापन वाले हैं और इन्हें विशेष रूप से भारत के समुद्री तटों पर तटीय सुरक्षा अभियानों तथा कानून प्रवर्तन कर्तव्यों के लिए डिजाइन किया गया है। प्रत्येक एफपीवी को अत्याधुनिक मशीनरी से लैस किया जा रहा है, जिसमें एआई-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम और बहुउद्देश्यीय ड्रोन शामिल हैं; इससे उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों को अग्रिम समुद्री पोतों में शामिल करने की दिशा दिखती है। इन चौदह एफपीवी के डिजाइन और निर्माण का अनुबंध जनवरी 2024 में MDL के साथ संपन्न हुआ था। इन पोतों की स्वदेशी सामग्री मैसूर की मेसर्स त्रिवेणी द्वारा आपूर्ति किए गए गियरबॉक्स तथा मेसर्स MJP इंडिया द्वारा आपूर्ति किए गए वॉटर जेट से और सुदृढ़ होती है, जो रक्षा जहाज निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूती देती है। एफपीवी-4 का कील बिछाना तथा एफपीवी-7 की प्लेट कटिंग आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि के अनुरूप हो रही है और हिन्द महासागर क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक की उपस्थिति को और मज़बूत करेगी। ये पोत तस्करी-रोधी रोकथाम, मत्स्य पालन संरक्षण, खोज और बचाव तथा विशेष आर्थिक क्षेत्र में समुद्री आपात स्थितियों पर प्रतिक्रिया जैसी भूमिकाओं के लिए तटरक्षक की परिचालन पहुंच को सुदृढ़ करेंगे।
मुंबई के मझगांव डॉक पर भारतीय तटरक्षक के एफपीवी-4 का कील बिछाने और एफपीवी-7 का प्लेट कटिंग समारोह
6 अप्रैल 2026 को भारतीय तटरक्षक ने मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में एफपीवी-4 के लिए कील बिछाने और एफपीवी-7 के लिए प्लेट कटिंग समारोह आयोजित किया। चौदह जहाज़ों की परियोजना का हिस्सा ये 340 टन वाले वॉटर जेट से चलने वाले फास्ट पैट्रोल वेसल AI-आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव, बहुउद्देश्यीय ड्रोन और त्रिवेणी मैसूर तथा MJP इंडिया के स्वदेशी घटकों से सुसज्जित हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप हैं।
मुख्य तथ्य
- एफपीवी-4 (यार्ड 16504) का कील बिछाना तथा एफपीवी-7 (यार्ड 16507) की प्लेट कटिंग 6 अप्रैल 2026 को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड पर हुई
- भारतीय तटरक्षक के लिए चौदह फास्ट पैट्रोल वेसल परियोजना (यार्ड 16501-16514) का हिस्सा; MDL के साथ अनुबंध जनवरी 2024 में हस्ताक्षरित
- प्रत्येक पोत का लगभग 340 टन विस्थापन है और वॉटर जेट प्रणोदित है, जो तटीय सुरक्षा तथा कानून प्रवर्तन कर्तव्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है
- पोत एआई-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम तथा मल्टीपर्पज़ ड्रोन से लैस हैं, जो उभरती रक्षा प्रौद्योगिकी एकीकरण को दर्शाते हैं
- स्वदेशी सामग्री मेसर्स त्रिवेणी (मैसूर) के गियरबॉक्स तथा मेसर्स MJP इंडिया के वॉटर जेट से सुदृढ़, आत्मनिर्भर भारत दृष्टि के अनुरूप
- तस्करी विरोधी, मत्स्य संरक्षण, खोज-बचाव अभियानों के लिए हिन्द महासागर क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक की उपस्थिति मज़बूत करेंगे
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: मझगांव डॉक पर तेज गश्ती पोत परियोजना समुद्री सुरक्षा में आत्मनिर्भर भारत दृष्टि को किस प्रकार आगे बढ़ाती है, विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
6 अप्रैल 2026 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने भारतीय तटरक्षक की जनवरी 2024 में अनुबंधित चौदह-जहाज परियोजना के लिए एफपीवी-4 की कील बिछाने और एफपीवी-7 की प्लेट कटिंग का समारोह आयोजित किया। प्रत्येक 340-टन वॉटर-जेट पोत एआई-आधारित, खराबी का पहले से अंदाज़ा लगाने वाली रखरखाव प्रणाली और ड्रोन से लैस है; त्रिवेणी मैसूर गियरबॉक्स और एमजेपी इंडिया वॉटर जेट आपूर्ति से आत्मनिर्भर भारत रक्षा जहाज़निर्माण को मजबूती मिलती है।
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भारतीय तटरक्षक के एफपीवी-4 की कील बिछाने और एफपीवी-7 की प्लेट काटने की रस्म 6 अप्रैल 2026 को किस शिपयार्ड में हुई?
दोनों समारोह 6 अप्रैल 2026 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई में आयोजित हुए, जो भारतीय तटरक्षक की चौदह फास्ट पैट्रोल वेसल परियोजना (यार्ड 16501-16514) का हिस्सा है। MDL ने इन चौदह एफपीवी के डिज़ाइन और निर्माण का अनुबंध जनवरी 2024 में किया था।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
6 अप्रैल 2026 को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में कौन-सा समारोह हुआ?
भारतीय तटरक्षक की चौदह एफपीवी परियोजना के तहत फास्ट पैट्रोल वेसल-4 (यार्ड 16504) की कील बिछाने और एफपीवी-7 (यार्ड 16507) की प्लेट कटिंग का समारोह मुंबई स्थित MDL में आयोजित हुआ।
इन फास्ट पैट्रोल वेसल का विस्थापन कितना है और प्रणोदन कैसा है?
इन एफपीवी का विस्थापन लगभग 340 टन है और ये वॉटर जेट से चलने वाले पोत हैं, जिन्हें तटीय सुरक्षा और कानून-प्रवर्तन कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एफपीवी में कौन-सी उन्नत प्रौद्योगिकियां लगाई जा रही हैं?
प्रत्येक पोत को एआई-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम और मल्टीपर्पज़ ड्रोन सहित अत्याधुनिक मशीनरी से लैस किया जा रहा है।
इन पोतों के लिए स्वदेशी घटक कौन-सी भारतीय कंपनियां आपूर्ति करती हैं?
मैसूर की मेसर्स त्रिवेणी गियरबॉक्स की आपूर्ति करती है तथा मेसर्स MJP इंडिया वॉटर जेट उपलब्ध कराती है। इससे आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी सामग्री बढ़ती है।
चौदह एफपीवी परियोजना में कितने पोत शामिल हैं तथा अनुबंध पर हस्ताक्षर कब हुए?
इस परियोजना में चौदह एफपीवी शामिल हैं (यार्ड 16501 से 16514)। डिज़ाइन तथा निर्माण अनुबंध MDL के साथ जनवरी 2024 में संपन्न हुआ था।
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