भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने महेंद्रगिरि, तमिलनाडु में अपने शक्तिशाली CE20 क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का 165 सेकंड का ऐतिहासिक पूर्ण-शक्ति परीक्षण सफलतापूर्वक किया। CE20 इंजन भारत के भारी प्रक्षेपण यान LVM3 में इस्तेमाल होने वाले ऊपरी चरण की प्रणोदन प्रणाली है। इस परीक्षण से नोजल सुरक्षा प्रणाली के साथ 22 टन थ्रस्ट स्तर पर 165 सेकंड तक समुद्र-तल परीक्षण की योग्यता की पुष्टि हुई। भारत अगले पांच वर्षों में 52 उपग्रहों का एक समूह लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
इसरो ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का ऐतिहासिक 165 सेकंड का पूर्ण-शक्ति परीक्षण किया
इसरो ने महेंद्रगिरि में CE20 क्रायोजेनिक इंजन का 165 सेकंड का सफल परीक्षण किया। CE20 इंजन से LVM3 का ऊपरी चरण संचालित होता है।
मुख्य तथ्य
- ISRO ने महेंद्रगिरि, तमिलनाडु में CE20 क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का समुद्र तल की परिस्थितियों में 165 सेकंड तक पूरी शक्ति पर सफल परीक्षण किया
- CE20 भारत के भारी प्रक्षेपण यान LVM3 के ऊपरी चरण की प्रणोदन प्रणाली है, जिसका उपयोग OneWeb उपग्रहों और चंद्रयान-3 के लिए किया गया
- यह परीक्षण आगामी गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए इंजन की विश्वसनीयता और तत्परता की पुष्टि करता है
- ISRO अंतरिक्ष प्रणालियों में विदेशी निर्भरता कम करने के लिए देश में बने सेमीकंडक्टर चिप्स खरीदने पर काम कर रहा है
- IN-SPACe के अध्यक्ष के अनुसार, भारत अगले पाँच वर्षों में अंतरिक्ष-आधारित निगरानी को बेहतर बनाने के लिए 52 उपग्रहों का समूह स्थापित करने की योजना बना रहा है
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इसरो ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का पूर्ण-शक्ति परीक्षण कितने सेकंड तक किया?
इसरो ने तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में समुद्र स्तर पर अपने CE20 क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का ऐतिहासिक 165-सेकंड का पूर्ण-शक्ति परीक्षण सफलतापूर्वक किया।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CE20 क्रायोजेनिक इंजन क्या है और यह किस रॉकेट में उपयोग होता है?
**CE20 क्रायोजेनिक इंजन** भारत के भारी प्रक्षेपण यान **LVM3** के **ऊपरी चरण की प्रणोदन प्रणाली** है। इसका उपयोग **वनवेब उपग्रहों** की तैनाती और **चंद्रयान-3** चंद्र मिशन में किया गया है।
मार्च 2026 में ISRO के CE20 इंजन परीक्षण की अवधि और स्थान क्या था?
ISRO ने **महेंद्रगिरि, तमिलनाडु** में समुद्र तल पर CE20 क्रायोजेनिक इंजन का **165 सेकंड का ऐतिहासिक पूर्ण-शक्ति परीक्षण** किया। यह परीक्षण **आगामी गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए इंजन की विश्वसनीयता** को प्रमाणित करता है।
अंतरिक्ष प्रणालियों के लिए ISRO घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स क्यों खरीदना चाहता है?
ISRO **देरी, उच्च लागत और विदेशी निर्भरता** को दूर करने के लिए **घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स** खरीदने की दिशा में काम कर रहा है। इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में **आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों** को मजबूती मिलेगी।
भारत अगले पांच वर्षों में अंतरिक्ष-आधारित निगरानी के लिए कितने उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रहा है?
**IN-SPACe के अध्यक्ष** के अनुसार, भारत अपनी **अंतरिक्ष से निगरानी करने की क्षमताओं** को बढ़ाने के लिए अगले **पांच वर्षों में 52 उपग्रहों का समूह** लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
CE20 इंजन परीक्षण के बाद ISRO किन गहरे अंतरिक्ष मिशनों की तैयारी कर रहा है?
**165 सेकंड के CE20 परीक्षण** की सफलता दिखाती है कि इंजन **आगामी गहरे अंतरिक्ष मिशनों** के लिए तैयार है। LVM3 पहले **OneWeb उपग्रहों** की तैनाती और **Chandrayaan-3** को अंजाम दे चुका है। यह परीक्षण भविष्य के चंद्र और अंतरग्रहीय मिशनों का मार्ग प्रशस्त करता है।
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