15 मार्च 2026 को गुजरात ने अंतरिक्ष इतिहास रचा, जब अहमदाबाद स्थित स्टार्टअप ओमस्पेस रॉकेट एंड एक्सप्लोरेशन प्राइवेट लिमिटेड ने दोपहर 1 बजे IST पर धोलेरा के निकट बावलियारी गांव से गुजरात का पहला साउंडिंग रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह रॉकेट — 4.2 मीटर का एकल-चरण उप-कक्षीय साउंडिंग रॉकेट — लगभग 3 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। इसमें वायुमंडलीय और मौसम संबंधी डेटा संग्रह के लिए एक मिनी मौसम उपग्रह पेलोड था और पैराशूट प्रणाली की मदद से इसे लॉन्च स्थल से लगभग 4 किमी दूर सुरक्षित रूप से वापस प्राप्त कर लिया गया।

लॉन्च IN-SPACe, DGCA, AAI और भारतीय तटरक्षक बल के समन्वय से किया गया। ओमस्पेस 3D-प्रिंटेड इंजन वाले पुन: उपयोगी, तरल-ईंधन रॉकेट बनाता है, जिससे लागत काफी कम होती है।

यह लॉन्च भारत के 2020 के अंतरिक्ष क्षेत्र सुधारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। इन सुधारों ने निजी क्षेत्र के लिए अंतरिक्ष गतिविधियों का रास्ता खोला और IN-SPACe को नोडल निकाय के रूप में स्थापित किया। भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में अब स्काईरूट एयरोस्पेस (विक्रम-S, 2022 में लॉन्च भारत का पहला निजी रॉकेट), अग्निकुल कॉसमॉस और अब ओमस्पेस जैसी कंपनियां शामिल हैं।

राजस्थान प्रासंगिकता: राजस्थान का पोकरण क्षेत्र और जैसलमेर जिला ऐतिहासिक रूप से रक्षा परीक्षण रेंज से जुड़े हैं। राजस्थान की सेमीकंडक्टर नीति 2026 और जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक गलियारे में रक्षा विनिर्माण महत्वाकांक्षाएं इस एयरोस्पेस-औद्योगिक प्रवृत्ति के अनुरूप हैं।