रेल मंत्रालय ने स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली कवच को कई प्रमुख मार्गों पर लगाने के लिए 341 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य परिचालन सुरक्षा बढ़ाना, ट्रेन टक्करों को रोकना और अत्यधिक गति पर रोक लगाना है। यह प्रणाली संकटपूर्ण स्थितियों में स्वतः ब्रेक लगाकर रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाती है। सोमवार को रेलवे ने गुजरात के पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के 48 ब्लॉक सेक्शनों को कवर करते हुए 598 रूट किलोमीटर (RKM) पर कवच संस्करण 4.0 लगाने को 140 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत पर मंजूरी दी। यह कार्य शेष मार्गों पर LTE-आधारित संचार ढांचे के साथ कवच प्रदान करने के व्यापक कार्यक्रम के तहत स्वीकृत किया गया है। इससे पहले अहमदाबाद मंडल में लगभग 702 RKM पर कवच कार्य स्वीकृत किया गया था। रेलवे ने उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल में 811 RKM पर 201 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत पर कवच लगाने को भी मंजूरी दी। इसमें अंबाला कैंट-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़-न्यू मोरिंडा-साहनेवाल, सरहिंद-दौलतपुर चौक, राजपुरा-बठिंडा-श्री गंगानगर और लुधियाना-धुरी-जाखल जैसे महत्वपूर्ण खंड शामिल हैं। ये मार्ग हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख रेल गलियारे हैं और भारी यात्री तथा माल यातायात संभालते हैं। कवच संस्करण 4.0 भारत की स्वदेशी ATP प्रणाली का सबसे उन्नत संस्करण है। यह खतरे के संकेत को पार करने (SPAD), आमने-सामने और पीछे से टक्कर के जोखिमों से स्वतः रक्षा करता है, अत्यधिक गति की निरंतर निगरानी एवं नियंत्रण करता है, तथा कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम में भी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च सुरक्षा अखंडता स्तर SIL-4 मानकों का अनुपालन करता है।