मार्च 2026 के आसपास भारत ने शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की — 29 शहरों में 1,143 किमी से अधिक चालू मेट्रो लाइनों के साथ वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क बन गया। लगभग 936 किमी अतिरिक्त लाइनें अभी निर्माणाधीन हैं।

प्रमुख चालू नेटवर्क में दिल्ली मेट्रो (लगभग 390 किमी), बेंगलुरु नम्मा मेट्रो, मुंबई मेट्रो, हैदराबाद मेट्रो, चेन्नई मेट्रो, कोच्चि मेट्रो, कोलकाता मेट्रो (भारत की सबसे पुरानी) और जयपुर मेट्रो शामिल हैं। जयपुर मेट्रो — राजस्थान की एकमात्र चालू मेट्रो प्रणाली — भी इस राष्ट्रीय आंकड़े का हिस्सा है।

भारत का मेट्रो विस्तार स्मार्ट सिटीज़ मिशन, AMRUT और राज्य-केंद्र के बीच लागत-साझाकरण मॉडल के सहारे आगे बढ़ रहा है। मेट्रो रेल सड़क परिवहन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन कम करती है, शहरी भीड़ घटाती है और पेरिस समझौते के तहत भारत के NDC लक्ष्यों के अनुरूप है।