4 जनवरी 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और उसके सहयोगी संस्थानों द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी कीं। ये किस्में अनाज, दलहन, तिलहन, चारा, गन्ना, कपास, जूट और तंबाकू से संबंधित हैं — ये सभी जलवायु के अनुकूल, उच्च उपज वाली, जैव-संवर्धित और कीट-रोग प्रतिरोधी हैं। 184 में से 122 अनाज किस्में हैं, जिनमें 60 धान और 50 मक्का की किस्में शामिल हैं। इनके साथ ज्वार, बाजरा, रागी, लघु बाजरा और चीना की बेहतर किस्में भी हैं। इसमें ICAR संस्थानों (60), राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (62) और निजी क्षेत्र की बीज कंपनियों (62) का योगदान रहा। मंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में 3,200 से अधिक नई बीज किस्में विकसित की गई हैं। इसी अवसर पर उन्होंने बताया कि भारत 2025 में 15.018 करोड़ टन उत्पादन के साथ चीन (14.528 करोड़ टन) को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है।