प्रकाशित: 5 नवंबर 2025पर्यावरण
UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025: NDCs के बावजूद विश्व 2.3-2.5 डिग्री तापवृद्धि की राह पर
UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025, 'ऑफ टारगेट', ने चेतावनी दी कि नई जलवायु प्रतिज्ञाओं के बावजूद विश्व 2.3-2.5 डिग्री सेल्सियस तापवृद्धि की ओर बढ़ रहा है, जो पेरिस समझौते के 1.5 डिग्री लक्ष्य से बहुत अधिक है। 2035 तक 2 डिग्री लक्ष्य के लिए वैश्विक उत्सर्जन 35% और 1.5 डिग्री के लिए 55% घटना चाहिए।
G20 के 20 में से केवल 9 सदस्य मौजूदा NDC लक्ष्यों के अनुरूप चल रहे हैं। 1.5 डिग्री की सीमा 2035 तक पार हो सकती है। जलवायु वित्त 2030 तक तीन गुना बढ़ना चाहिए। नवीकरणीय ऊर्जा की लागत में तेज गिरावट आई है और 90% वैश्विक उत्सर्जन अब NDCs में शामिल है। भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता और उत्सर्जन तीव्रता में 45% कटौती की प्रतिबद्धता जताई है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजअंतरराष्ट्रीयविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनों
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
बजट 2026-27 में PM सूर्य घर (रूफटॉप सोलर) का आवंटन कितना है?
व्याख्या · सही उत्तर CPM सूर्य घर के लिए ₹22,000 करोड़ आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष से 10% अधिक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025: विश्व 2.3-2.5 डिग्री वार्मिंग की राह पर' में मुख्य बात क्या है?
मुख्य तथ्य: UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025, जिसका शीर्षक ऑफ टारगेट है, चेतावनी देती है कि दुनिया 2.3-2.5 डिग्री सेल्सियस तापवृद्धि की दिशा में बढ़ रही है, जो पेरिस समझौते के 1.5 डिग्री लक्ष्य से अधिक है।
UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025 में उत्सर्जन घटाने के प्रमुख लक्ष्य क्या हैं?
2035 तक वैश्विक उत्सर्जन को 2 डिग्री मार्ग के लिए 2019 स्तर से **35%** और 1.5 डिग्री मार्ग के लिए **55%** घटाना होगा।
भारत के लिए UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025 का व्यापक महत्व क्या है?
व्यापक महत्व: G20 के 20 सदस्यों में से केवल 9 मौजूदा NDC लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर हैं; 1.5 डिग्री की सीमा 2035 तक टूटने की संभावना है।
UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025 से संबंधित महत्वपूर्ण आँकड़े क्या हैं?
प्रमुख आँकड़े: **35%**, **55%**, **90%** — जलवायु वित्त की जरूरत 2030 तक तीन गुनी होगी; नवीकरणीय ऊर्जा की लागत तेजी से घटी है और वैश्विक उत्सर्जन का **90%** अब NDCs के दायरे में है।
**RAS/UPSC** प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए UNEP उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट 2025 क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विषय **RAS/UPSC** परीक्षाओं के **पर्यावरण** खंड के लिए महत्वपूर्ण है। परीक्षा-उपयोगी मुख्य बिंदु: भारत ने 2030 तक 500 GW नवीकरणीय क्षमता और उत्सर्जन तीव्रता में **45%** कमी की प्रतिबद्धता जताई है।