प्रकाशित: 30 मार्च 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
केंद्रीय कैबिनेट ने 2031–2035 के लिए भारत के अद्यतन NDC को मंजूरी दी: 2035 तक उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी और 60% गैर-जीवाश्म ऊर्जा
केंद्रीय कैबिनेट ने 25 मार्च 2026 को 2031–2035 की अवधि के लिए भारत के संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (NDC 3.0) को मंजूरी दी, जिसे COP31 से पहले UNFCCC को भेजा जाएगा। संशोधित लक्ष्यों में ये बातें शामिल हैं: 2035 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से स्थापित विद्युत क्षमता की हिस्सेदारी 60% तक बढ़ाना; 2035 तक 2005 के स्तर की तुलना में GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 47% की कमी; और भारत के कार्बन सिंक को 3.5–4 अरब टन CO₂ समतुल्य तक बढ़ाना।
भारत पहले ही अपने पुराने NDC लक्ष्यों को समय से पहले पार कर चुका है — 2005–2020 के बीच उत्सर्जन तीव्रता में 36% की कमी और 2026 की शुरुआत तक 52% से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली उत्पादन। संशोधित NDC नीति आयोग के नेतृत्व में मंत्रालयों, उद्योग और नागरिक समाज से परामर्श के बाद तैयार किया गया।
राजस्थान के लिए NDC लक्ष्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं: राज्य में सौर और पवन ऊर्जा की विशाल क्षमता है। स्थापित सौर क्षमता में राजस्थान देश में अग्रणी है और थार मरुस्थल राष्ट्रीय सौर मिशन का प्रमुख क्षेत्र है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अनुमोदित 2031-2035 के लिए भारत के एनडीसी 3.0 के प्रमुख लक्ष्यों का आकलन कीजिए एवं गैर-जीवाश्म ऊर्जा प्रतिबद्धता प्राप्ति में राजस्थान की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
25 मार्च 2026 को अनुमोदित एनडीसी 3.0 में 2035 तक 60 प्रतिशत गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता, 2005 स्तर से उत्सर्जन-तीव्रता में 47 प्रतिशत कटौती और 3.5-4 अरब टन कार्बन सिंक का लक्ष्य है। भारत पहले ही 52 प्रतिशत गैर-जीवाश्म शक्ति और 36 प्रतिशत तीव्रता कटौती हासिल कर चुका है; राजस्थान का थार क्षेत्र सौर ऊर्जा से इस लक्ष्य की पूर्ति तेज करता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयप्रकारनीतिविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारत के 2031-35 के NDC 3.0 में 2035 तक स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों का कितना हिस्सा लक्षित है?
व्याख्या · सही उत्तर Cभारत के 2031-35 के NDC में 2035 तक कुल स्थापित विद्युत क्षमता का लगभग 60% हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह 2030 तक लगभग 50% गैर-जीवाश्म स्थापित विद्युत क्षमता के पहले लक्ष्य से आगे की महत्वाकांक्षा दिखाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NDC 3.0 क्या है और इसमें भारत के प्रमुख लक्ष्य क्या हैं?
NDC 3.0 भारत का 2031–2035 के लिए संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान है, जिसे केंद्रीय कैबिनेट ने 25 मार्च 2026 को मंजूरी दी। इसके प्रमुख लक्ष्य हैं — 2035 तक 60% गैर-जीवाश्म बिजली, 2005 के स्तर की तुलना में उत्सर्जन तीव्रता में 47% कमी और 3.5–4 अरब टन कार्बन सिंक।
NDC क्या होता है और यह किस अंतर्राष्ट्रीय समझौते के तहत जमा किया जाता है?
NDC यानी राष्ट्रीय निर्धारित योगदान — पेरिस समझौते (UNFCCC) के तहत हर देश अपनी जलवायु कार्य योजना खुद तय करता है। भारत इसके जरिए बताता है कि वह ग्रीनहाउस गैसों में कटौती और जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन के लिए क्या कदम उठाएगा।
NDC 3.0 से पहले भारत ने अपने पुराने जलवायु लक्ष्य पूरे किए थे?
हाँ, भारत NDC 2.0 के लक्ष्य पहले ही पार कर चुका था — 52% गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता और 2005 स्तर से उत्सर्जन तीव्रता में 36% कमी, दोनों लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल हो गए।
कार्बन सिंक क्या होता है और NDC 3.0 में भारत का इस पर क्या लक्ष्य है?
कार्बन सिंक वह प्राकृतिक या कृत्रिम प्रणाली है (जैसे वन) जो वायुमंडल से CO₂ अवशोषित करती है। NDC 3.0 में भारत का लक्ष्य 2035 तक वन और वृक्ष आवरण बढ़ाकर 3.5–4 अरब टन CO₂ समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक तैयार करना है।
NDC 3.0 का COP शिखर सम्मेलनों में भारत की स्थिति से क्या संबंध है?
NDC 3.0 से COP 31 से पहले भारत की जलवायु कूटनीति मजबूत होती है। भारत CBDR (साझा परंतु विभेदित जिम्मेदारियाँ) का समर्थक है — यानी ऐतिहासिक उत्सर्जकों को जलवायु वित्त में अधिक जिम्मेदारी उठानी चाहिए — और यह NDC इसी रुख को दोहराता है।