प्रकाशित: 24 मार्च 2026PIBपर्यावरण
कैबिनेट ने भारत की संशोधित NDC 2031–2035 को मंजूरी दी: उत्सर्जन तीव्रता में 47% कटौती और 60% गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 25 मार्च 2026 को 2031–2035 की अवधि के लिए भारत के संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) को मंजूरी दी। यह UNFCCC को दिया जाने वाला भारत का नया जलवायु संकल्प है, जो COP31 से पहले अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को दर्शाता है।
संशोधित NDC के प्रमुख लक्ष्य इस प्रकार हैं: 2005 के स्तर की तुलना में 2035 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 47% की कटौती; 2035 तक कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 60% गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करना; और अतिरिक्त वन एवं वृक्ष आवरण से 2035 तक 3.5 से 4 अरब टन CO2 के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाना। भारत ने 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के दीर्घकालिक लक्ष्य को भी दोहराया।
यह संशोधित NDC 2022 की संशोधित NDC प्रतिबद्धता — 45% उत्सर्जन तीव्रता में कमी और 2030 तक 50% गैर-जीवाश्म क्षमता — से आगे के लक्ष्य रखता है। नए लक्ष्य PM सूर्य घर, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और COP26 में घोषित पंचामृत एजेंडे के तहत हुई प्रगति को दर्शाते हैं।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक है, लेकिन उसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन सबसे कम श्रेणी में है। कैबिनेट ने बताया कि भारत पहले ही 220 GW से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर चुका है — यानी 2030 का गैर-जीवाश्म लक्ष्य नौ साल पहले ही हासिल हो गया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पेरिस समझौते की दिशा में 2070 तक शुद्ध-शून्य लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, भारत के मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर संशोधित राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (एनडीसी) 2031–2035 के प्रमुख लक्ष्यों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
मंत्रिमंडल ने 25 मार्च 2026 को भारत का संशोधित एनडीसी 2031–2035 मंजूर किया: 2035 तक 2005 की तुलना में जीडीपी उत्सर्जन तीव्रता में 47% कटौती; 2035 तक 60% गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता; 3.5–4 अरब टन अतिरिक्त कार्बन सिंक; तथा 2070 तक शुद्ध-शून्य। भारत 2030 का गैर-जीवाश्म लक्ष्य पहले ही पार कर चुका है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
25 मार्च 2026 को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अनुमोदित भारत की अपडेटेड NDC 2031–2035 के तहत 2005 के स्तर की तुलना में 2035 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता में कितनी कटौती का लक्ष्य है?
व्याख्या · सही उत्तर C2035 तक 2005 के स्तर की तुलना में उत्सर्जन तीव्रता में 47% कटौती संशोधित NDC 2031–2035 का लक्ष्य है। पहले की 2021 NDC में 2030 तक 45% की प्रतिबद्धता थी। यह वृद्धि भारत की बढ़ी हुई जलवायु महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NDC क्या है?
राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) पेरिस समझौते के तहत UNFCCC को प्रत्येक देश की जलवायु कार्ययोजना है, जिसमें उत्सर्जन कटौती के लक्ष्य और अनुकूलन उपाय शामिल हैं।
2070 तक नेट जीरो का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि भारत 2070 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और अवशोषण (वनों, कार्बन कैप्चर आदि के माध्यम से) को बराबर करने का लक्ष्य रखता है।
पंचामृत एजेंडा क्या है?
COP26 ग्लासगो (2021) में घोषित, पंचामृत भारत की पाँच-सूत्री जलवायु प्रतिबद्धता है: 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता, 50% नवीकरणीय ऊर्जा, 1 BT कार्बन सिंक, 45% उत्सर्जन तीव्रता कटौती, और 2070 तक नेट जीरो।
2031–2035 NDC 2021 NDC से कैसे अलग है?
2021 NDC में 2030 तक 45% उत्सर्जन तीव्रता कटौती और 50% गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य था। नई NDC इसे 2035 तक क्रमशः 47% और 60% तक बढ़ाती है।
जलवायु वार्ता में भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन तर्क क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत का तर्क है कि विकसित देश ऐतिहासिक रूप से अधिकांश संचित उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। कम प्रति व्यक्ति उत्सर्जन के साथ, भारत न्यायसंगत हरित परिवर्तन के लिए तकनीक और वित्त की मांग करता है।