प्रकाशित: 31 अगस्त 2025Down To Earthपर्यावरण
पंजाब में लगभग चार दशकों की सबसे भीषण बाढ़; 1,400 से अधिक गाँव प्रभावित
पंजाब को सितंबर 2025 की शुरुआत में 1988 के बाद से सबसे भीषण बाढ़ संकट का सामना करना पड़ा, जिसमें 13 जिलों के 1,400 से अधिक गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी मानसूनी बारिश और पोंग, रणजीत सागर तथा भाखड़ा बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण रावी, ब्यास और सतलुज नदियों में बाढ़ और तेज हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कई नदियां एक साथ खतरे के निशान को पार कर गईं।
पंजाब में 357.1 मिमी के मौसमी औसत के मुकाबले 443 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य मानसूनी वर्षा से 24% अधिक है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, पठानकोट और कपूरथला शामिल थे, जहां कृषि भूमि के बड़े क्षेत्र, विशेष रूप से रोपाई के लिए तैयार धान के खेत, जलमग्न हो गए। सुरक्षा की दृष्टि से 27 अगस्त से 7 सितंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए, जिससे 8 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने बचाव और राहत कार्यों के लिए प्रभावित जिलों में 15 टीमें तैनात कीं। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की, जिसमें फसल क्षति के लिए प्रति एकड़ के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया गया। 50,000 से अधिक लोगों को सरकारी स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में स्थापित राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया।
बाढ़ ने पंजाब में बांध प्रबंधन नियमों और बाढ़-क्षेत्रों में अतिक्रमण पर सवाल खड़े किए। विशेषज्ञों ने सिंधु नदी प्रणाली में ऊपरी और निचले राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की मांग की।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 1988 के बाद पंजाब की सर्वाधिक विनाशक बाढ़ के कारणों और सिंधु बेसिन बांध प्रबंधन में उजागर हुई समन्वय कमियों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
पंजाब में 443 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक थी। पोंग, रणजीत सागर और भाखड़ा से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने पर रावी, ब्यास, सतलुज तेरह जिलों में खतरे के निशान के पार पहुंच गईं। 1,400 से अधिक गांव डूबे तथा 50,000 लोग निकाले गए। विशेषज्ञों ने बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय मांगा।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
बाढ़ प्रभावित उत्तर भारत में ऑपरेशन राहत के तहत कितने लोगों को निकाला गया?
व्याख्या · सही उत्तर Dऑपरेशन राहत में 6,000 से अधिक लोगों को निकाला गया और 13,000 को चिकित्सा सहायता मिली।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंजाब में लगभग चार दशकों में सबसे खराब बाढ़ का क्या कारण था और कितने गाँव प्रभावित हुए?
**पंजाब में लगभग 40 वर्षों की सबसे खराब बाढ़** (2025) का कारण **अत्यधिक भारी वर्षा** और सतलुज, ब्यास और घग्गर नदियों का उफनना था। **1,400 से अधिक गाँव** प्रभावित हुए।
पंजाब की 2025 की विनाशकारी बाढ़ किन नदियों से आई?
पंजाब की 2025 की बाढ़ में **सतलुज**, **ब्यास** और **घग्गर** प्रमुख नदियाँ थीं। ऊपरी बाँधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने और असाधारण वर्षा से स्थिति बिगड़ी।
पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार ने क्या राहत उपाय घोषित किए?
प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का **हवाई सर्वेक्षण** किया और **3,100 करोड़ रुपये** की राहत सहायता घोषित की।
NDRF क्या है और बाढ़ प्रबंधन में इसकी क्या भूमिका है?
**NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल)** **आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005** के तहत स्थापित भारत का विशेष आपदा प्रतिक्रिया बल है, जो **NDMA** के अंतर्गत बाढ़, भूकंप, चक्रवात जैसी आपदाओं में कार्य करता है।
पंजाब में बार-बार आने वाली बाढ़ के प्रमुख कारण क्या हैं?
पंजाब की बाढ़ के कारण: **वनों की कटाई**, **बाढ़ मैदानों पर अतिक्रमण**, खराब **जल निकासी व्यवस्था**, **बाँध प्रबंधन** की समस्याएँ और **जलवायु परिवर्तन** के कारण तीव्र हुआ मानसून।