विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर 2025 को मनाया गया। इस वर्ष इसका विषय 'व्यवधानों से उबरना, एड्स से निपटने की व्यवस्था में बदलाव लाना' था। इसका उद्देश्य एचआईवी और एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी के साथ जी रहे लोगों का साथ देना और एड्स से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवाने वालों को याद करना है।

यूएनएड्स के 95-95-95 लक्ष्य 2025 तक हासिल किए जाने थे। इनके अनुसार, एचआईवी के साथ जी रहे 95% लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी होनी चाहिए; जिन लोगों में एचआईवी का पता चल चुका है, उनमें से 95% को लगातार एआरटी मिलनी चाहिए; और एआरटी ले रहे 95% लोगों में वायरल दमन होना चाहिए। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की 2025 की एचआईवी अनुमान रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत में लगभग 25.61 लाख लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे। भारत ने 95-95-99 लक्ष्यों के अनुरूप 1 दिसंबर 2027 तक एचआईवी पर नियंत्रण पाने का लक्ष्य भी तय किया है।