भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु ने प्रतीक्षा ट्रस्ट (नंदन एवं रोहिणी नीलेकणि द्वारा स्थापित) के सहयोग से भारत का पहला बड़ा संस्थागत ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) मूनशॉट कार्यक्रम शुरू किया है। इस परियोजना का लक्ष्य ऐसा प्रत्यारोपण योग्य उपकरण विकसित करना है, जो लकवाग्रस्त मरीज़ के मस्तिष्क से तंत्रिका संकेत पढ़कर उन्हें मोटर और संवेदी क्षमताएँ बहाल करने वाले आदेशों में बदल सके और इस तरह क्षतिग्रस्त रीढ़ की हड्डी या तंत्रिका मार्गों को बाईपास कर सके।

BCI मस्तिष्क और बाहरी उपकरण के बीच सीधा संचार चैनल स्थापित करता है। IISc की परियोजना में क्लोज्ड-लूप प्रणाली की परिकल्पना है: मोटर कॉर्टेक्स में लगाए गए इलेक्ट्रोड तंत्रिका संकेत रिकॉर्ड करते हैं, जिन्हें एक AI चिप डिकोड करती है और वास्तविक समय में मांसपेशियों या रोबोटिक अंगों को उत्तेजित करती है।

वैश्विक स्तर पर BrainGate (ब्राउन विश्वविद्यालय, स्टैनफोर्ड) और Neuralink के मानव परीक्षण प्रमुख उदाहरण हैं। IISc का कार्यक्रम भारत में सरकार, शिक्षण संस्थान और परोपकारी ट्रस्ट की पहली ऐसी साझेदारी है।

यह परियोजना न्यूरल डेटा गोपनीयता, संज्ञानात्मक स्वतंत्रता और न्यूरोटेक तक समान पहुँच जैसे बायोएथिक्स प्रश्न भी उठाती है, जो RPSC पाठ्यक्रम की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।