25 अक्टूबर 2025 को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना गंभीर चक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' 28–29 अक्टूबर की रात आंध्र प्रदेश में नरसापुरम के पास तट से टकराया। तूफ़ान के दौरान हवाओं की लगातार रफ़्तार 95 किमी प्रति घंटा रही। इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में व्यापक नुकसान हुआ; 8 लोगों की मौत हुई और कुल नुकसान का अनुमान ₹63,840 करोड़ (76 करोड़ अमेरिकी डॉलर) रहा। 43,000 हेक्टेयर क्षेत्र की फ़सलें और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए। चक्रवात के साथ आई नमी के कारण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा और बारां सहित कई जिलों के लिए लाल और नारंगी अलर्ट जारी किए। चक्रवात का नाम थाईलैंड ने दिया, जिसका अर्थ 'सुगंधित फूल' है।
चक्रवात 'मोंथा' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया — राजस्थान में भारी वर्षा की चेतावनी
25 अक्टूबर 2025 को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना गंभीर चक्रवाती तूफ़ान 'मोंथा' 28–29 अक्टूबर की रात आंध्र प्रदेश में नरसापुरम के पास तट से टकराया। तूफ़ान के दौरान हवाओं की लगातार रफ़्तार 95 किमी प्रति घंटा रही। इससे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में व्यापक नुकसान हुआ; 8 लोगों की मौत हुई और कुल नुकसान का अनुमान ₹63,840 करोड़ (76 करोड़ अमेरिकी डॉलर) रहा। 43,000 हेक्टेयर क्षेत्र की फ़सलें और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए। चक्रवात के साथ आई नमी के कारण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा और बारां सहित कई जिलों के लिए लाल और नारंगी अलर्ट जारी किए। चक्रवात का नाम थाईलैंड ने दिया, जिसका अर्थ 'सुगंधित फूल' है।
मुख्य तथ्य
- चक्रवात मोंथा 28–29 अक्टूबर 2025 की रात आंध्र प्रदेश में नरसापुरम के पास तट से टकराया।
- चक्रवात से 8 लोगों की मौत हुई और कुल नुकसान का अनुमान ₹63,840 करोड़ (76 करोड़ अमेरिकी डॉलर) रहा।
- चारों प्रभावित राज्यों में कुल 43,000 हेक्टेयर क्षेत्र की फ़सलें और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए।
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, कोटा और बारां सहित कई जिलों के लिए लाल और नारंगी अलर्ट जारी किए।
- चक्रवात के साथ आई नमी के कारण राजस्थान में भारी बेमौसमी वर्षा हुई।
- चक्रवात मोंथा का नाम थाईलैंड ने दिया और इसका अर्थ 'सुगंधित फूल' है।
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चक्रवात मोंथा, जिसके कारण अक्टूबर 2025 में राजस्थान के ज़िलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी हुई, किस जल निकाय के ऊपर उत्पन्न हुआ था?
गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मोंथा 25 अक्टूबर 2025 को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना, और 28-29 अक्टूबर की रात आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चक्रवात 'मोंथा' कहाँ और कब तट से टकराया?
चक्रवात मोंथा 28–29 अक्टूबर 2025 की रात आंध्र प्रदेश में नरसापुरम के पास तट से टकराया। इसे गंभीर चक्रवाती तूफ़ान की श्रेणी में रखा गया था और इसकी हवाओं की लगातार रफ़्तार 95 किमी प्रति घंटा थी।
चक्रवात मोंथा से कुल कितना नुकसान हुआ और कौन-से राज्य प्रभावित हुए?
चक्रवात मोंथा से 8 लोगों की मौत हुई और कुल नुकसान का अनुमान ₹63,840 करोड़ (76 करोड़ अमेरिकी डॉलर) रहा। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु प्रभावित हुए; इन राज्यों में कुल 43,000 हेक्टेयर क्षेत्र की फ़सलें और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए।
चक्रवात मोंथा के कारण राजस्थान में भारी वर्षा क्यों हुई और किन जिलों के लिए अलर्ट जारी किए गए?
पूर्वी तट से टकराने के बाद भी चक्रवात के साथ आई नमी राजस्थान तक पहुँची, जिससे भारी बेमौसमी वर्षा हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बूंदी, उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा और बारां सहित कई जिलों के लिए लाल और नारंगी अलर्ट जारी किए।
2025 के चक्रवात को 'मोंथा' नाम किसने दिया और इसका अर्थ क्या है?
उत्तरी हिंद महासागर के लिए विश्व मौसम विज्ञान संगठन और एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (WMO/ESCAP) की चक्रवात नामकरण परंपरा के तहत थाईलैंड ने यह नाम दिया। थाई भाषा में 'मोंथा' का अर्थ 'सुगंधित फूल' है।
चक्रवात के दौरान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की क्या भूमिका होती है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग चक्रवात बनने की प्रक्रिया पर नज़र रखता है, उसकी तीव्रता और दिशा का अनुमान लगाता है और प्रभावित राज्यों को समय रहते चेताने के लिए लाल, नारंगी और पीले रंग के अलर्ट जारी करता है। चक्रवात मोंथा के दौरान विभाग ने समय पर लोगों को सुरक्षित निकालने और आपदा से निपटने की तैयारी में मदद के लिए राजस्थान के कई जिलों में लाल और नारंगी अलर्ट जारी किए।
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