26 अक्टूबर 2025 को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोंथा' 28-29 अक्टूबर की रात आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया। 95 किमी/घंटा की लगातार हवाओं वाले इस गंभीर चक्रवाती तूफान ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में व्यापक क्षति पहुँचाई — 8 मौतें हुईं और ₹63,840 करोड़ (US$76 करोड़) का कुल नुकसान हुआ। 43,000 हेक्टेयर फसल और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए। IMD ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा और बारां सहित कई जिलों में लाल और नारंगी अलर्ट जारी किया। चक्रवात का नाम थाईलैंड ने दिया है, जिसका अर्थ है 'सुगंधित फूल'।
चक्रवात 'मोंथा' आंध्र प्रदेश तट से टकराया — राजस्थान में भारी वर्षा की चेतावनी
26 अक्टूबर 2025 को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बने गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोंथा' ने 28-29 अक्टूबर की रात आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टक्कर ली। 95 किमी/घंटा की निरंतर हवाओं वाले इस गंभीर चक्रवाती तूफान से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में व्यापक क्षति हुई — 8 मौतें हुईं और ₹63,840 करोड़ (US$76 करोड़) का कुल नुकसान हुआ। 43,000 हेक्टेयर फसल और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए। IMD ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा और बारां सहित कई जिलों में लाल और नारंगी अलर्ट जारी किया। चक्रवात का नाम थाईलैंड ने दिया है, जिसका अर्थ है 'सुगंधित फूल'।
मुख्य तथ्य
- चक्रवात मोंथा 28-29 अक्टूबर 2025 की रात आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया।
- चक्रवात से 8 मौतें हुईं और कुल ₹63,840 करोड़ (US$76 करोड़) के नुकसान का अनुमान है।
- चार प्रभावित राज्यों में 43,000 हेक्टेयर फसल और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए।
- IMD ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, कोटा और बारां सहित जिलों में लाल और नारंगी अलर्ट जारी किया।
- चक्रवातीय परिसंचरण में मौजूद नमी के कारण राजस्थान में भारी बेमौसमी वर्षा हुई।
- चक्रवात मोंथा का नाम थाईलैंड ने दिया जिसका अर्थ 'सुगंधित फूल' है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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चक्रवात मोंथा, जिसके कारण अक्टूबर 2025 में राजस्थान के ज़िलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी हुई, किस जल निकाय के ऊपर उत्पन्न हुआ था?
गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मोंथा 25 अक्टूबर 2025 को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना, और 28-29 अक्टूबर की रात आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चक्रवात 'मोंथा' कहाँ और कब तट से टकराया?
चक्रवात मोंथा 28-29 अक्टूबर 2025 की रात आंध्र प्रदेश के नरसापुरम के निकट तट से टकराया। इसे 95 किमी/घंटा की लगातार हवाओं वाले गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
चक्रवात मोंथा से कुल कितना नुकसान हुआ और कौन-से राज्य प्रभावित हुए?
चक्रवात मोंथा से 8 मौतें हुईं और कुल ₹63,840 करोड़ (US$76 करोड़) का नुकसान अनुमानित है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु प्रभावित हुए, जिसमें 43,000 हेक्टेयर फसल और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए।
चक्रवात मोंथा ने राजस्थान में भारी वर्षा क्यों कराई और किन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया?
पूर्वी तट से टकराने के बाद भी चक्रवात की नमी से भरी हवाओं के परिसंचरण के कारण राजस्थान में भारी बेमौसमी वर्षा हुई। IMD ने राजस्थान के बूंदी, उदयपुर, प्रतापगढ़, कोटा और बारां सहित कई जिलों के लिए लाल और नारंगी अलर्ट जारी किया।
2025 के चक्रवात को 'मोंथा' नाम कहाँ से और क्यों मिला?
चक्रवात को 'मोंथा' नाम थाईलैंड ने उत्तरी हिंद महासागर के WMO/ESCAP चक्रवात नामकरण परंपरा के अंतर्गत दिया। थाई भाषा में 'मोंथा' का अर्थ 'सुगंधित फूल' है।
चक्रवाती घटनाओं में भारतीय मौसम विभाग (IMD) की क्या भूमिका होती है?
IMD चक्रवात बनने की प्रक्रिया पर निगरानी रखता है, उसकी तीव्रता और रास्ते का अनुमान लगाता है तथा प्रभावित राज्यों को पहले से सतर्क करने के लिए लाल, नारंगी और पीले रंग के अलर्ट जारी करता है। चक्रवात मोंथा के दौरान IMD ने राजस्थान के कई जिलों में समय पर निकासी और आपदा तैयारी में मदद के लिए लाल और नारंगी अलर्ट जारी किए।
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