भारत सरकार ने 23 अप्रैल 2026 की पत्र सूचना कार्यालय विज्ञप्ति से पुष्टि की कि सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) से मिश्रित विमानन टरबाइन ईंधन को 17 अप्रैल 2026 की अधिसूचना से औपचारिक रूप से विमानन टरबाइन ईंधन (विपणन विनियमन) आदेश, 2001 के दायरे में लाया गया है। यह प्रशासनिक उपाय नियामकीय रिक्ति को भरता है तथा विपणन कंपनियों, रिफाइनरों और एयरलाइनों को एसएएफ-मिश्रित जेट ईंधन को उसी नियंत्रण प्रणाली के तहत संभालने की सुविधा देता है जिसके तहत अभी पारंपरिक एटीएफ नियंत्रित होता है। एसएएफ विमानन में इस्तेमाल होने वाला नवीकरणीय हाइड्रोकार्बन ईंधन है, जो रासायनिक रूप से एटीएफ के समान तथा मौजूदा विमान इंजनों के साथ पूर्ण रूप से अनुकूल है। यह फसलों, जैविक अवशेषों और अपशिष्ट सामग्री जैसे कच्चे मालों से प्राप्त होता है तथा जीवाश्म एटीएफ की तुलना में जीवन-चक्र ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी लाता है। भारतीय मानक ब्यूरो का विनिर्देश आईएस 1571 पेट्रोलियम-आधारित एटीएफ और सह-संसाधित एसएएफ को शामिल करता है, जबकि आईएस 17081 पारंपरिक एटीएफ के साथ मिश्रित एसएएफ पर लागू होता है। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए आपूर्ति किए जाने वाले एसएएफ को इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय विमानन के लिए कार्बन ऑफसेटिंग एवं कमी योजना (कोरसिया) के स्थिरता मानदंड पूरे करने होंगे, जो आईसीएओ द्वारा लागू वैश्विक बाजार-आधारित उपाय है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2027 में एक प्रतिशत, 2028 में दो प्रतिशत तथा 2030 तक पांच प्रतिशत के सांकेतिक एसएएफ मिश्रण लक्ष्य निर्धारित किए हैं। ये लक्ष्य कोरसिया के अनिवार्य चरण से पहले के हैं, जो 2027 में शुरू होता है और अंतर्राष्ट्रीय वाहकों को निर्धारित आधार रेखा से ऊपर के उत्सर्जन की भरपाई करने का दायित्व देता है। यह अधिसूचना भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं तथा तेजी से बढ़ते नागरिक विमानन क्षेत्र के विकार्बनीकरण में मदद करती है।
भारत सरकार की 23 अप्रैल 2026 की PIB विज्ञप्ति ने पुष्टि की कि सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) मिश्रण को विमानन टरबाइन ईंधन (विपणन विनियमन) आदेश, 2001 के दायरे में लाया गया; आईसीएओ कोरसिया के अनुरूप 2027 तक 1%, 2028 तक 2% और 2030 तक 5% के सांकेतिक लक्ष्य निर्धारित
23 अप्रैल 2026 की PIB विज्ञप्ति में पुष्टि की गई कि एसएएफ मिश्रित विमानन टरबाइन ईंधन को 17 अप्रैल 2026 की अधिसूचना से एटीएफ (विपणन विनियमन) आदेश, 2001 के अंतर्गत लाया गया है। एसएएफ को बीआईएस विनिर्देश आईएस 1571 और आईएस 17081 पूरे करने होंगे, जबकि अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति को कोरसिया स्थिरता मानदंड पूरे करने होंगे। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2027 में 1%, 2028 में 2% और 2030 तक 5% के सांकेतिक मिश्रण लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
मुख्य तथ्य
- 24 अप्रैल 2026 की PIB विज्ञप्ति ने पुष्टि की कि एसएएफ-मिश्रित जेट ईंधन को एटीएफ (विपणन विनियमन) आदेश, 2001 के अंतर्गत लाया गया है।
- संशोधन 17 अप्रैल 2026 को प्रशासनिक उपाय के रूप में अधिसूचित किया गया ताकि मौजूदा नियंत्रण प्रणाली के तहत एसएएफ-मिश्रित एटीएफ का विपणन सक्षम हो।
- एसएएफ नवीकरणीय विमानन-ग्रेड हाइड्रोकार्बन ईंधन है जो रासायनिक रूप से एटीएफ के समान है और फसलों, जैविक अवशेषों एवं अपशिष्ट से बनता है तथा जीएचजी में पर्याप्त कमी देता है।
- बीआईएस विनिर्देश: आईएस 1571 पेट्रोलियम-आधारित एटीएफ और सह-संसाधित एसएएफ को कवर करता है; आईएस 17081 पारंपरिक एटीएफ के साथ मिश्रित एसएएफ को कवर करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए एसएएफ को कोरसिया-योग्य ईंधन के रूप में अतिरिक्त रूप से कोरसिया स्थिरता मानदंड पूरे करने होंगे।
- अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों हेतु भारत के सांकेतिक एसएएफ मिश्रण लक्ष्य 2027 में 1%, 2028 में 2% तथा 2030 तक 5% हैं।
- कोरसिया का अनिवार्य चरण 2027 में आरंभ होता है, जो अंतर्राष्ट्रीय वाहकों को निर्धारित आधार रेखा से ऊपर के उत्सर्जन की भरपाई का दायित्व देता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
पीआईबी ने 23 अप्रैल 2026 को बताया कि सतत विमानन ईंधन मिश्रण को एटीएफ विपणन विनियमन आदेश, 2001 के अंतर्गत लाया गया है। इस संदर्भ में कथनों पर विचार करें: 1. संशोधन 17 अप्रैल 2026 को प्रशासनिक उपाय के रूप में अधिसूचित हुआ, ताकि सतत विमानन ईंधन मिलाए गए विमानन टरबाइन ईंधन का विपणन हो सके। 2. भारत ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2027 में 1 प्रतिशत, 2028 में 2 प्रतिशत और 2030 तक 10 प्रतिशत के सांकेतिक मिश्रण लक्ष्य रखे हैं। 3. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिए जाने वाले सतत विमानन ईंधन को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन द्वारा लागू कोरसिया के स्थिरता मानदंड भी पूरे करने होंगे। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
कथन 1 और 3 सही हैं। एटीएफ नियंत्रण आदेश, 2001 का संशोधन 17 अप्रैल 2026 को प्रशासनिक उपाय के रूप में अधिसूचित किया गया (23 अप्रैल को पीआईबी द्वारा प्रकाशित) और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के एसएएफ को कोरसिया स्थिरता मानदंड पूरे करने होंगे। कथन 2 गलत है क्योंकि 2030 के लिए भारत का सांकेतिक एसएएफ मिश्रण लक्ष्य 5 प्रतिशत है, 10 प्रतिशत नहीं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत सरकार ने 23 अप्रैल 2026 को एसएएफ के संबंध में क्या कार्रवाई की?
24 अप्रैल 2026 की PIB विज्ञप्ति में पुष्टि की गई कि एसएएफ-मिश्रित विमानन टरबाइन ईंधन को 17 अप्रैल 2026 की अधिसूचना से एटीएफ (विपणन विनियमन) आदेश, 2001 के अंतर्गत लाया गया है।
सतत विमानन ईंधन क्या है?
एसएएफ एक नवीकरणीय विमानन-ग्रेड हाइड्रोकार्बन ईंधन है। यह रासायनिक रूप से एटीएफ के समान है, मौजूदा विमान इंजनों के साथ पूरी तरह अनुकूल है और फसलों, जैविक अवशेषों एवं अपशिष्ट से प्राप्त होता है। इससे जीवन-चक्र ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी आती है।
भारत में एटीएफ और एसएएफ को नियंत्रित करने वाले बीआईएस विनिर्देश कौन से हैं?
आईएस 1571 में पेट्रोलियम-आधारित एटीएफ और सह-संसाधित एसएएफ शामिल हैं, जबकि आईएस 17081 विशेष रूप से पारंपरिक एटीएफ के साथ मिश्रित एसएएफ पर लागू होता है।
अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए भारत के सांकेतिक एसएएफ मिश्रण लक्ष्य क्या हैं?
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2027 में 1 प्रतिशत, 2028 में 2 प्रतिशत तथा 2030 तक 5 प्रतिशत के लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
कोरसिया क्या है और एसएएफ के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
कोरसिया अंतर्राष्ट्रीय विमानन के लिए कार्बन ऑफसेटिंग और कमी की योजना है, जिसे आईसीएओ लागू कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में इस्तेमाल होने वाले एसएएफ को कोरसिया-योग्य ईंधन माने जाने के लिए कोरसिया के स्थिरता मानदंड पूरे करने होंगे।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें