गुजरात शहरी विकास मिशन ने 11 मार्च 2026 के संदर्भ में 'लेक एंड एयर वॉच' पहल शुरू की है। यह पहल 17 नगर निगमों और 152 नगरपालिका क्षेत्रों, यानी कुल 169 शहरी निकायों, में झीलों और हवा की गुणवत्ता पर नज़र रखने के लिए बनाई गई है। इसका महत्व इसलिए है कि शहरी पर्यावरण में झील क्षेत्र में बदलाव, कचरे का जमाव, शैवाल वृद्धि और वायु प्रदूषण जैसे मुद्दे सीधे नगर प्रशासन और पर्यावरणीय प्रबंधन से जुड़े होते हैं।

इस पहल में झीलों के लिए उपग्रह आधारित निगरानी और हवा के लिए रियल-टाइम सेंसर का उपयोग होगा। उपग्रह प्रणाली झील के क्षेत्र में बदलाव, शैवाल वृद्धि, कचरे के जमा होने और पानी की गुणवत्ता के संकेतकों पर नज़र रखेगी। दूसरी ओर, हवा की गुणवत्ता निगरानी केंद्र रियल-टाइम एक्यूआई डेटा देंगे। 10 करोड़ रुपये के बजट वाली इस व्यवस्था में केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड होगा, जो मानचित्र, रुझान और स्वचालित अलर्ट दिखाएगा। प्रदूषण स्तर बढ़ने या झील की स्थिति बिगड़ने पर अलर्ट मिलने से विभागों को समय पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। कई विभागों के डेटा को एक जगह जोड़ना भी इसकी प्रमुख प्रशासनिक विशेषता है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से शुरू करने वाली संस्था, कवरेज, बजट, निगरानी के घटक और डैशबोर्ड की भूमिका जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे शहरी शासन, डेटा-आधारित पर्यावरण निगरानी, विभागीय समन्वय और प्रदूषण नियंत्रण के उदाहरण के रूप में जोड़ा जा सकता है। स्टैटिक जीके के लिए झील संरक्षण, जल गुणवत्ता संकेतक, एक्यूआई और शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका से इसका सीधा संबंध है।